इन चीजों का दान कभी न करे, नहीं तो परेशानी झेलनी पड़ सकती है

सनातन धर्म में दान को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है । यह मात्र रिवाज़ के लिए नहीं किया जाता, बल्कि दान करने के पीछे विभिन्न धार्मिक उद्देश्य बताए गए हैं । हिन्दू धार्मिक ग्रंथों के अनुसार दान से इंद्रिय भोगों के प्रति आसक्ति छूटती है । इसलिए मनुष्य अपनी जिंदगी में बहुत सी चीजें दान करता है लेकिन कभी कभी ऐसी चीजें दान कर देता है जो उसे नहीं करनी चाहिए । आइए हम आपको बताते है कि हमें कैसी इन चीजों का दान कभी न करे (in cheezon ka daan kabhi na kare) ..जो हमको उसके लिए दुःख झेलना पड़े ।
प्लास्टिक की चीजें :
प्लास्टिक की इन चीजों का दान कभी न करे (in cheezon ka daan kabhi na kare) चाहिए क्योंकि ऐसा करना अशुभ माना जाता है । प्लास्टिक की चीजों को दान करने से घर की तरक्की और बिजनेस के लिए नुकसान करता है । आजकल कई सारी चीजें प्लास्टिक की प्रयोग की जाती हैं लेकिन कभी इसे दान नहीं करना चाहिए ये आपके लिए अशुभ होता है ।
झाड़ू :
झाड़ू हमारे दैनिक जीवन में रोज इस्तेमाल होने वाली चीज है इसलिए हमे झाड़ू जैसे इन चीजों का दान कभी न करे (in cheezon ka daan kabhi na kare), इसको दान करने से घर की लक्ष्मी रूठ जाती और सारा रखा हुआ पैसा भी खर्च हो जाता है और कमाया हुआ पैसा भी टीकटा नहीं है बिजनेस में भी नुकसान होता है ।
स्टील के बर्तन :
हमें स्टील के बर्तन जैसे इन चीजों का दान कभी न करे (in cheezon ka daan kabhi na kare), इनको दान करने से घर की सुख शांति खत्म होती है । स्टील का दान देने से दान देने वाले के संबंधो पर भी असर पड़ने लगता है ।
पहने हुए कपड़े :
अगर आप पहने हुए कपड़े किसी गरीब को देना तो सही होता है लेकिन पहने हुए कपड़े कभी भी किसी पंडित या संपन्न व्यक्ति को दान करना अशुभ होता है ।
बासी खाना :
शास्त्रों में खाना दान करना बहुत ज्यादा पुण्य का काम होता है लेकिन बासी खाना दान करना उतना ही खराब काम होता है बासी खाना दान करने से घर के सदस्य बीमार होते हैं।
खराब या उपयोग किया गया तेल :
तेल दान करना शनि की शांति के लिए अच्छा होता है लेकिन इस्तेमाल किया हुआ तेल या ख़राब तेल इसके विपरीत होता है। ख़राब तेल दान करने से शनि देवता नाराज़ होते है।
फटी हुई कॉपी किताब :
अच्छी स्थिती में कॉपी किताब दान करना सही माना जाता है लेकिन हमें फटी हुई कॉपी किताब भी दान नहीं करनी चाहिए इन चीजों को दान करने से काम में रुकावट आती है।

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जय माँ कामाख्या

Acharya Pradip Kumar is the founder of Mystic Shiva Astrology and a practitioner of Vedic astrology with a solution-oriented approach. His work focuses on understanding birth charts as tools for clarity, awareness, and practical decision-making rather than fear-based predictions. Rooted in classical astrological principles and real-life experience, he emphasizes responsible guidance, timing, and conscious remedies aligned with an individual’s life path.

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