Kaan Dard Mantra: कान का भयंकर दर्द और इन्फेक्शन होगा जड़ से खत्म, बस 2 मिनट में आज़मायें यह अचूक मंत्र!
जय माँ कामाख्या! मेरे भाइयों और बहनों, मैं आपका अपना आचार्य प्रदीप कुमार। देखिए, दाँत का दर्द और कान का दर्द (Ear Ache) इंसान को पागल कर देता है। जब कान के अंदर सां-सां की आवाज आने लगे, पस (Mala) भर जाए या इन्फेक्शन की वजह से पूरी रात नींद न आए, तो समझ लीजिये कि शरीर का ‘आकाश तत्व’ गड़बड़ा गया है।
आज मैं आपको वो गुप्त Kaan Dard Mantra दे रहा हूँ, जो कान के पुराने से पुराने रोग को जड़ से उखाड़ कर फेंक ने वाला है । यह मंत्र नहीं, साक्षात् काल की काट है!
मेरी आँखों देखी एक छोटी बच्ची का बुरा हाल :
बात पिछले महीने की है। Chandpur (Odisha) मेरे घर के बाजू में रहने वाले Sunil Babu की 6 साल की बेटी (Tanaya) को कान में भयंकर इन्फेक्शन हो गया था। रात के 2 बजे बच्ची दर्द से रो रो कर बेहोस हो रहा था । Sunil babu ने घबराकर मुझे फोन किये ।
मैंने बचे की Condition देखकर उन्हें तुरंत Kaan Dard Mantra की विधि समझाई। उनके घर के पास ही ‘आक’ (मदार) का पौधा था। जैसा मैंने बताया, उन्होंने वैसे ही मंत्र पढ़कर आक के पत्तों का प्रयोग किया। यकीन मानिए, 5 मिनट के अंदर बच्ची सो गई और सुबह तक उसका दर्द पूरी तरह गायब था। सुबह वो जब डॉक्टर के पास गये , वो देखकर हैरान थे कि बिना एंटीबायोटिक के इन्फेक्शन इतनी जल्दी कैसे दब गया!
प्राचीन ‘कर्ण रोग नाशक’ शाबर मंत्र
यह मंत्र को आप मामूली मत समझो, यह एक दिव्य शक्ति की पुंज है। इस Kaan Dard Mantra को डायरी में नोट कर के आज ही रख लो , जरुरत के समय में काम में आएगा :
मंत्र: “ओम कनक प्रहार। धन्धर छार। प्रबेश कर डार-डार। पात-पात, झार-झार। मार-मार। हुंकार-हुंकार। श्वद सांचा, पिण्ड कांचा ओम क्रीं क्रीं।”
Kaan Dard Mantra की अचूक प्रयोग विधि:
मेरे भाई-बहनों, इस विधि को श्रद्धा के साथ करेंगे तो पत्थर भी पिघल जाएगा:
सामग्री में आपको चाहिए – ‘आक’ (मदार) का एक फ्रेश पत्ता और थोड़ा सा शुद्ध ‘गाय का घी’।
अब ,आक के पत्ते पर ऊपर दिया गया मंत्र को आप मन ही मन 7 बार पढ़ें। अब उस पत्ते पर गाय का घी अच्छी तरह चुपड़ (लगा) दें।
अब प्रयोग की समय पत्ते को हल्का सा गर्म करके उसका रस निचोड़ लें। अब इस रस की 1-2 बूंदें दोनों कानों में डालें। मात्र दो पल में कान का दर्द, भारीपन और इन्फेक्शन छूमंतर हो जाएगा।
मेरे भाइयों, कान का दर्द अक्सर शरीर में बढ़ी हुई ‘बाय’ (Vayu) की वजह से भी होता है। अगर आपको गैस, अफारा या जोड़ों के दर्द की भी शिकायत रहती है, तो वायु रोग निवारण का यह सिद्ध शाबर मंत्र आपके लिए रामबाण साबित होगा: [Vayu Rog Mantra: पेट की गैस और जोड़ों का दर्द जड़ से मिटाने का उपाय]
मेरी सलाह
मेरे दोस्त, कान की समस्या कभी-कभी कुंडली में ‘चंद्र’ और ‘केतु’ के खराब होने से भी होती है। अगर आपको बार-बार कान की तकलीफ होती है, तो आपको अपना जन्म कुंडली बिचार करके आगे बढ़ना चाहिए , ताकि किस वजह से आपको बार बार Hospital में चक्कर काटना पैड रहा है , वो आप Clear हो जाओगे ।
कान दर्द से जुड़े आपके सवाल जवाब
प्रश्न 1: आचार्य जी, क्या ‘Kaan Dard Mantra’ बच्चों पर भी काम करता है?
उत्तर: बिल्कुल! यह मंत्र और आक के पत्ते की विधि हर उम्र के व्यक्ति के लिए रामबाण है। बस घी शुद्ध गाय का होना चाहिए।
प्रश्न 2: अगर कान से पस (Pus) बह रहा हो, तो क्या करें?
उत्तर: पस बहना इन्फेक्शन की निशानी है। ऐसे में यह मंत्र से झाड़ा लगाना और साथ साथ पत्ते का रस चमत्कारी असर दिखाता है।
प्रश्न 3: क्या यह मंत्र हर दिन पढ़ना चाहिए?
उत्तर: दर्द होने पर इसका प्रयोग करें। पर स्थाई समाधान के लिए एक बार अपना जन्म कुंडली बिचार ज़रूर करवाएं ताकि किस वजह से आपको बार बार यह समस्या Face करना पैड रहा है। उसके हिसाब से आगे आपको उपाय करना चाहिए ।
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जय माँ कामाख्या