जादुई आईना सिद्धि साधना :

जादुई आईना सिद्धि साधना :
आईना एक ऐसा वाश्तु है जो हमरे जिवन का ओटुट अंग है,ना तो ईनका विना काम चालता है,ना देखे विना घर से कोई वाहार जाता है।दुनिया मेँ कोई एसा घर नही मिलेगा जाहा आईना ना हो।किया गरिव किया अमिर सब कोई ईस से प्रेम करते है।आज कल तो पशु पक्षि भी प्रेम करने लागे है,ईनके आगे कोई आईना राख दो तो ,आईना मेँ आपना छावि देखेते रेहेते है।आईना हम साभि को सुंदर देखता है, हर कोई केहेता है आईना मेँ देखने के वाद, मेँ सुंदर दिखता हु, चाहे दुनिया के सामने वो असुंदर कियु ना हो। आईना कभी भी व्यक्ती का द्रुगुण नही देखाता वो दिखाता जो ईसान को आच्छा लागे।वहुत कम व्यक्ती है जो आईना से दुरी वानाई रखते है फिर भी ईनको भी आईना के सामने आना पाडता है।ईस आईना को लेकर एक चलचित्र भी है ,जिस मे जादुगरनी आईना से प्रश्नोँ करति रहती है “आईना रे आईना दुनिया मे कौन है सब से सुंदर वाता” मंत्र तंत्र जादु टोना मेँ आईना से दुर वैठा किसि व्यक्ती को देख पाना चाहे वह विदेश मे कियोँ ना हो, किसि स्थान का आईना मे देख कर पाता लागना, और वहुत कुछ किया जाता है।
ईसमे सिर्फ काला आईना का ईस्तिमाल किया जाता है।आईना काला नही होता है सिर्फ आईना पिच्छे तरफ लागने वाला रंग काला होता है।ईस जादुई आईना पाने के लिय जो आईना वानाता है,उससे कुछ आधिक रुपिया देकर वानाले।ए आसानी से किसि चित्र फेरेम वांधने वाले वाना कर दे साकते है।आगर ना वाना साके किसि दुकान से तो खुद वाना ले आपकोँ चाहिय सिर्फ वाडा कांच और काला रंग।ईयाद रहे आईना वाडा होना चाहिय ,जितना वाडा हो साके ना कि छोटा।य सब तियारी के वाद आईना को घर पर एसे स्थान पर रख्खे जाहा से आपका छावि पुरी तरहा देखाई दे।साधना किसि भी दिन आरंभ कर साकते है।रात्रि को 10 के वाद साधना आरंभ करना है। वास्त्र लाल ले।माला का कोई जोरुरत नही।तुलसि का तेल एक वुंद आईना का ठिक विच्चोँ विच लागय।प्रतिदिन एक घंटा साधना करनी है। आसान लागा कर आरम से आईना के सामने वैठ जाए। एक दिप जाला ले और साथ मेँ आगरवति।कक्ष मेँ आंधेरा होना चाहिय ।दिप एसे स्थान पर रख्खे जिसे आपका छावि आईना मेँ देख पायेँ।कुछ दिन वाद आप पायगे आपका शाया हिलना डलना आरंभ कर देगा फिर धेरे धेरे कुछ आकुती नाजर आयगे,आखिर मेँ एक वाडा चामकिला शाया दिखाई देगा ।शाया को देखने के वाद प्रश्नो करे “कौन हो आप” शाया जावाव देगा फिर आप प्रशनोँ करे “मेँ जाव भी जिस समय वुलाउ आउगे मेरा काम करोगे” शाया “हा” वोला तो फिर वोलो वाचन दो शाया आगर वोला मेँ वाचन देता हु तो जाने आपका काम हो गाया। आव शाया को जाने दे। आव आईना को एसे स्थान पर रखे जाहा आपके सिवा कोई और ना जाए। कुछ भी काम हो आईना से काहे वह काम आईना करदेगा॥
मंत्र- “ॐ नमः हनुमते रुद्रवतारय देव दानव यक्ष भुत प्रेत पिशाच डाकिनी शाकिनी आगच्छ आगच्छ दर्पणे सर्वकार्य सिद्धि प्रदाय रामदुताय स्वाहा ॥”
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ज्योतिषाचार्य प्रदीप कुमार : मो. 9438741641  {Call / Whatsapp}
जय माँ कामाख्या

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