रहस्यमयी मंगला चमारी साधना

आज हम आपको एक ऐसी साधना के विषय में जानकारी देने वाले है जिसके सिद्ध करने पर वह एक स्त्री के रूप में आपके साथ पत्नी रूप में रहती है । मंगला चमारी साधना (Mangala Chamari Sadhana) एक ऐसी ही साधना है जिसके सिद्ध करने पर जातक मंगला चमारी को पत्नी स्वरुप पाकर सम्पूर्ण सुख की प्राप्ति करता है ।
साधना में ध्यान देने योग्य :-
मंगला चमारी साधना (Mangala Chamari Sadhana) ऐसे व्यक्ति ही करें जिसकी अभी तक शादी न हुई हो या जिसकी पत्नी का देहांत हो चुका हो या तलाक हो चुका हो मंगला चमारी साधना सिद्ध होने पर वह पत्नी रूप में जातक के रहती है ।
• पश्चिम दिशा की तरफ एक हरा या सफ़ेद आसन बिछाकर उस पर स्नान आदि करके बैठ जाये ।
• मंत्र जप में काले हकीक की माला का प्रयोग करें ।
• इस साधना का समय 21 दिन माना गया है ।
• इस साधना का समय रात्रि के 10 बजे के बाद का माना गया है । इसलिए रात्रि 10 बजे के बाद का एक समय सुनिश्चित करें ।
• साधना के प्रथम दिन उड़द की दाल का आटा बनवाकर इसकी छोटी-छोटी 721 रोटियाँ बनवा ले।
• प्रथम दिन साधना पूर्ण होने के तुरंत बाद एक पानी वाले कुँए में इस सभी रोटियों को डाल आये । रोटियों को कुँए में डालते समय ऐसा बोले – “अ मंगला चमारी यह तेरा तौसा है, इसे स्वीकार कर ” । इस प्रकार कुँए में सभी रोटियाँ डालने के बाद बिना पीछे मुड़े घर वापिस आ जाये ।
• अगले 2० दिन तक आप बेसन की 721 रोटियाँ बनाकर ठीक पहले दिन की तरह पानी में कुँए में डालकर आयें ।
• इस प्रकार प्रथम दिन उड़द की दाल की रोटियां व बाकी के 20 दिन तक बेसन की रोटियां कुँए में डालकर आयें ।
• साधना में प्रतिदिन 721 मन्त्रों के जप करें ।
Mangala Chamari Sadhana Mantra :
मंत्र : “अलकरीम क़ादिर मंगला चमारी को कर हाज़िर ।।”
इस प्रकार उपरोक्त विधि अनुसार मंगला चमारी साधना करने से ठीक 21वें दिन मंगला चमारी आपके सामने प्रत्यक्ष रूप से प्रकट होती है । उसकी कुछ शर्तों को पूर्ण करने के बाद वह पत्नी रूप में जीवन भर जातक का साथ देती है । मंगला चमारी साधना में सफलता प्राप्त करने वाला जातक पत्नी सुख तो प्राप्त करता ही है साथ ही ऐसे व्यक्ति को अपार धन की भी प्राप्ति होती है ।
मंगला चमारी साधना को सिद्ध करने की विधि भले ही आसान दिखाई पड़ती हो । किन्तु इसे सिद्ध करने में जातक को बहुत सी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है । इसलिए जरुरी है कि ऐसी साधना शुरू करने से पहले गुरु से इस विषय में सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त कर उनके मार्गदर्शन में ही साधना को पूर्ण करें ।
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ज्योतिषाचार्य प्रदीप कुमार (मो.) 9438741641 {Call / Whatsapp}
जय माँ कामाख्या

Acharya Pradip Kumar is the founder of Mystic Shiva Astrology and a practitioner of Vedic astrology with a solution-oriented approach. His work focuses on understanding birth charts as tools for clarity, awareness, and practical decision-making rather than fear-based predictions. Rooted in classical astrological principles and real-life experience, he emphasizes responsible guidance, timing, and conscious remedies aligned with an individual’s life path.

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