Shishu Dosh Nivaran Mantra Vidhi: छोटे बच्चों की बुरी नज़र और बाल ग्रह दोष का पक्का इलाज!
भाई, माँ-बाप के लिए सबसे बड़ा दुख तब होता है जब उनका हँसता-खेलता बच्चा अचानक मुरझा जाए। कभी-कभी हम सोचते हैं कि बच्चे को नज़र लग गई है, पर असल में वह ‘मसान’, ‘छल-छिद्र’ या ‘चौसठ योगिनी’ का प्रकोप भी हो सकता है। जब दवाइयां हार मान लें और बच्चा दिन-ब-दिन कमज़ोर होने लगे, तब हमारे ऋषियों का शाबर मंत्र ही उसे काल के पंजे से बाहर निकालता है।
आज मैं आपके लिए वह गुप्त Shishu Dosh Nivaran Mantra Vidhi लेकर आया हूँ, जो आपके लाडले के चारों ओर सुरक्षा का एक अभेद्य घेरा बना देगी।
Real Life Case Study:
बात Puri (Odisha) की है। एक आदमी का 6 महीने का बच्चा पिछले 3 दिनों से लगातार रो रहा था। उसने दूध पीना बंद कर दिया था और उसका शरीर धीरे-धीरे नीला पड़ने लगा था। डॉक्टर परेशान थे क्योंकि सारी रिपोर्ट ‘नॉर्मल’ आ रही थी। परिवार घबराकर आधी रात को मेरे पास आया।
मैंने बच्चे को देखा और तुरंत समझ गया कि इसे किसी ‘मसान’ या ‘बाबन बीर’ की नज़र लगी है। मैंने तुरंत Shishu Dosh Nivaran Mantra Vidhi का प्रयोग किया और मोर पंख से झाड़ा लगाना शुरू किया। भाई, माई की कृपा देखिए, 15 मिनट के अंदर बच्चा गहरी नींद में सो गया और अगले दिन वह पहले जैसा चहकने लगा। यह है हमारे प्राचीन मंत्रों का साक्षात् चमत्कार!
भाई, बच्चे के जन्म के बाद उसकी रक्षा करना तो ज़रूरी है ही, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बच्चे की सुरक्षा माँ के गर्भ से ही शुरू हो जाती है? अगर गर्भ के दौरान ही सही सुरक्षा कवच मिल जाए, तो बच्चा जन्म से ही तेजस्वी और दोष-मुक्त पैदा होता है। अपने आने वाले नन्हे मेहमान की पूर्ण सुरक्षा के लिए हमारा यह विशेष लेख भी ज़रूर पढ़ें।
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शिशु दोष निवारण शाबर मंत्र (Shishu Dosh Mantra)
यह मंत्र साक्षात् जोगमाया और पवन-पानी की शक्ति से जुड़ा है, इसे पूरी श्रद्धा से पढ़ें:
“ॐ सतनाम आदेश गुरू का। आदेश पबन पानी का।। नाद अनाहद दुंदुभी बाजै। जहाँ बैठी जोगमाया साजै।। चौसठ योगिनी बाबन बीर। बालक की हरै सब पीर।। आठों जात शीतल जानिये। बंध-बंध बारे जात मसान।। भूत बंध प्रेत बंध छल बंध। छलिद्र बंध सबको मारकर भस्मन्त।। सतनाम आदेश गुरु का।।”
Shishu Dosh Nivaran Mantra Vidhi: झाड़ा और सुरक्षा का विधान
भाई, इस विधि को करने का सही तरीका समझ लो, ताकि बच्चा हमेशा सुरक्षित रहे:
सबसे पहले किसी शुभ मुहूर्त में इस मंत्र को सिद्ध कर लें। फिर रोगी बच्चे को सामने बिठाकर या लिटाकर एक मोर पंख लें। इस मंत्र को पढ़ते हुए बच्चे के सिर से पांव तक झाड़ा करें। इससे बच्चे के शरीर से सारी नकारात्मक ऊर्जा और दोष भस्म हो जाएंगे।
रक्षा कवच : भाई, झाड़े के बाद बच्चे को ‘परमानेंट प्रोटेक्शन’ देना भी ज़रूरी है। इसके लिए एक रुद्राक्ष, चाँदी का चंद्रमा, सूर्य, सफेद घुघची और शेर का नाखून लें।
धारण विधि: इन सब चीजों को काले धागे में पिरोकर एक सुंदर माला बना लें और उसे बच्चे के गले में धारण करवा दें। भाई, इसके बाद दुनिया की कोई भी बुरी शक्ति आपके बच्चे का बाल भी बांका नहीं कर पाएगी।
FAQ: Shishu Dosh Nivaran Mantra Vidhi के ऊपर सवाल जवाब
1. आचार्य जी, क्या यह उपाय किसी भी उम्र के बच्चे के लिए है?
हाँ भाई! नवजात शिशु से लेकर 10-12 साल तक के बच्चों के लिए यह Shishu Dosh Nivaran Mantra Vidhi रामबाण की तरह काम करती है।
2. अगर शेर का नाखून न मिले तो क्या करें?
भाई, असली शेर का नाखून मिलना आज के समय में मुश्किल है, आप उसकी जगह सिद्ध किया हुआ धातु का ‘बाघ-नख’ भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
3. झाड़ा करने का सबसे अच्छा समय क्या है?
भाई, शाम के समय (सूर्यास्त के आसपास) या रात के समय झाड़ा करना सबसे ज्यादा प्रभावशाली होता है क्योंकि नकारात्मक शक्तियां उसी समय सक्रिय होती हैं।
4. क्या सफेद घुघची का कोई खास महत्व है?
बिल्कुल भाई! सफेद घुघची तांत्रिक सुरक्षा के लिए बहुत शक्तिशाली मानी जाती है, यह बुरी नज़र (Evil Eye) को तुरंत सोख लेती है।
भाई, बच्चे की सेहत और भविष्य के साथ खिलवाड़ न करें। अगर आपका बच्चा बार-बार बीमार पड़ता है, तो हो सकता है उसकी कुंडली में ‘बालारिष्ट दोष’ हो। अपनी कुंडली का सटीक विश्लेषण करवाएं और अपने कुल के दीपक की रक्षा करें। हर समस्या का स्थायी और 100% समाधान के लिए आज ही कॉल करें।
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