Shiv Kuber Mantra Shivratri Special: Sahi Vidhi Se Dhan Kripa Ka Marg

Shiv Kuber Mantra Dhan Prapti Sadhana

Shiv Kuber Mantra को शिवरात्रि के पबित्र अवसर पर विशेष महत्व दिया जाता है। अनुभव में देखा गया है कि महाशिवरात्रि की रात्रि में किया गया मंत्र जप मानसिक एकाग्रता और आध्यात्मिक ऊर्जा को कई गुना बढ़ा देता है।

शास्त्रों में भगवान शिव को संहार और पुनर्सृजन का देवता माना गया है, जबकि कुबेर जी धन के अधिपति हैं। जब इन दोनों की संयुक्त उपासना की जाती है, तो यह साधक के जीवन में संतुलन — आध्यात्मिकता और भौतिक स्थिरता — दोनों का मार्ग प्रशस्त करती है। यह वैदिक ज्योतिष आधारित मार्गदर्शन है, अंतिम निर्णय सदैव आपका होगा।

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Shiv Kuber Mantra Mahashivratri Puja Vidhi

शिवरात्रि में शिवलिंग का अभिषेक, बिल्व पत्र अर्पण और दीप प्रज्वलन के साथ कुबेर जी का भी पूजन करना शुभ माना गया है।

मंत्र: “ॐ नमः शिबाय श्री कुबेराय मम् धनं मे देहि देहि शिबाय नमः ॐ”

विधि विस्तार से:

  1. प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

  2. शिवलिंग पर जल, दूध या पंचामृत से अभिषेक करें।

  3. कुबेर यंत्र या चित्र के समक्ष दीपक प्रज्वलित करें।

  4. श्रद्धा अनुसार उपरोक्त Shiv Kuber Mantra का यथा शक्ति जप करें।

  5. रात्रि में कम से कम एक माला जप अवश्य करें।

अनुभव के आधार पर देखा गया है कि शिवरात्रि की रात में किया गया जप मनोबल और संकल्प शक्ति को मजबूत करता है।

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Shiv Kuber Mantra Se Dhan Prapti Ka Siddhant

कई साधकों के अनुभव  में यह पाया गया है कि नियमित रूप से प्रतिदिन एक या दो माला जप करने से मन की नकारात्मकता कम होती है और वित्तीय निर्णयों में स्पष्टता आती है।

यह समझना आवश्यक है कि Shiv Kuber Mantra केवल त्वरित धन प्राप्ति का साधन नहीं है, बल्कि यह अनुशासन, संयम और सकारात्मक ऊर्जा को जाग्रत करने का माध्यम भी है। धन स्थिरता केवल मंत्र से नहीं, बल्कि सही कर्म, योजना और प्रयास से भी आती है।

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Mahashivratri Aur Kuber Sadhana Ka Sambandh

महाशिवरात्रि को ऊर्जा का चरम बिंदु माना जाता है। कुछ ज्योतिष ग्रंथों जैसे शिव पुराण और कुबेर तंत्र में  Mahashivratri ka dharmik mahatva का उल्लेख दिखने को मिलता है और साथ साथ शिव की कृपा से कैसे कुबेर को धनाधिपति पद प्राप्त हुआ।

इस दिन किया गया Shiv Kuber Mantra जप साधक के भीतर स्थिरता, धैर्य और आर्थिक विवेक विकसित करता है।


Jap Ke Baad Niyamit Sadhana Ka Mahatva

शिवरात्रि के बाद भी यदि प्रतिदिन एक या दो माला का जप निरंतर किया जाए, तो यह साधना जीवन में संतुलन बनाए रखने में सहायक हो सकती है।

अनुभव में यह भी देखा गया है कि जो साधक नियमपूर्वक जप करते रहते हैं तो , वे आगे धन प्रबंधन में अधिक सतर्क और संयमित हो जाते हैं। मेरी अनुभब का एक बात यंहा Share कर रहा हूँ , एक आदमी बहत गरीबी था । अगर वो मजदूर का काम नहीं करेगा तो , उसको खाने केलिए भी कोई पूछने वाले नही थे । सिर्फ वो अकेला नही था , साथ साथ उसका पुरे परिवार जिसमे एक बेटा और बेटी भी था। सड़क का किनारे में उनका एक छोटा सा मिट्टी और ऊपर Asbestos Roof Sheet का घर था । वो आदमी अनपढ़ था , जिसके कारण कुछ भी समस्या आये तो वो दुसरे की ऊपर Depend करता रहा था । रोज आर्थिक तंगी का सामना उसको बीमार कर दिया और उनका देहांत हो गया । यह दर्द उनके बेटे की दिल पर बहुत जोर से एक झटका जैसा लगा , और यह गरीबी को जड़ से उखाड़ कर फेंकने  केलिए गाँठ वो बाँध भी लिया । वो तब से शिव जी को अपना इष्ट मानकार कुबेर जी की पूजा करने लगा तो समय क्रमे बहत कुछ सुधार देखने को मिला है , आज वो गरीबी की बेटा दुनिया की सामने एक Successful Businessman है समाज में मान सन्मान का हकदार भी है ।तो आप सोचिये क्या नही है शिव जी के पास ….सिर्फ आपके अन्दर वो भाव और निष्ठां होना चाहिए ।


FAQ – Shiv Kuber Mantra Se Jude Prashn

1. क्या Shiv Kuber Mantra केवल शिवरात्रि पर ही करना चाहिए?
नहीं, शिवरात्रि विशेष फलदायक मानी जाती है, परंतु इसे नियमित रूप से भी किया जा सकता है।

2. इस मंत्र का जप कितनी माला करना चाहिए?
शिवरात्रि की रात यथा शक्ति जप करें, उसके बाद प्रतिदिन 1–2 माला पर्याप्त मानी जाती है।

3. क्या इससे तुरंत धन प्राप्ति होती है?
यह मंत्र मानसिक स्पष्टता और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाता है; धन प्राप्ति कर्म और प्रयास पर भी निर्भर करती है।

4. क्या महिलाएं भी यह मंत्र जप सकती हैं?
हाँ, श्रद्धा और शुद्धता के साथ कोई भी साधक इसका जप कर सकता है।

5. Shiv Kuber Mantra कब तक करना चाहिए?
कम से कम 40 दिन नियमित जप करने से साधना में स्थिरता आती है।


शिवरात्रि पर किया गया Shiv Kuber Mantra जप साधक को आध्यात्मिक स्थिरता और आर्थिक विवेक की दिशा में प्रेरित करता है। यदि आप अपनी व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार सही उपाय जानना चाहते हैं, तो किसी अनुभवी वैदिक ज्योतिष से परामर्श अवश्य लें।


Acharya Pradip Kumar (Mob) +91- 9438741641 (Call/ Whatsapp)
Vedic Astrologer & Tantra Expert
15+ years practical experience

Acharya Pradip Kumar is the founder of Mystic Shiva Astrology and a practitioner of Vedic astrology with a solution-oriented approach. His work focuses on understanding birth charts as tools for clarity, awareness, and practical decision-making rather than fear-based predictions. Rooted in classical astrological principles and real-life experience, he emphasizes responsible guidance, timing, and conscious remedies aligned with an individual’s life path.

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