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किन्नरी मंत्र तंत्र साधना

भाग्य को जागृत करने के आसान किन्नरी मंत्र तंत्र साधना उपाय :

किन्नरी मंत्र तंत्र साधना : साधारणतया ‘किन्नर’ शब्द से बृहन्नला माना जाता है । यह बृहन्नला नहीं है । ये देवताओं के लोक में गाने-बजाने तथा मनोरंजन करने वाले देवताओं की शक्तियों से संपन्न होते हैं । किन्नरी यानी देवियां । हिमाचल में एक स्थान है किन्नौर, जो इन्हीं के नाम से जाना जाता है । मुख्य रूप से यह 8 होती हैं । यह शीघ्र प्रसन्न होने वाली देवियां हैं जिनकी साधना से द्रव्य, भोग, दिव्य रसायन, स्वर्ण, वस्त्रालंकार मिलते हैं एवं समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं । अप्सराओं की तरह इनकी भी साधना की जाती है, जो निम्नलिखित है-
(1) मंजूघोष किन्नरी मंत्र- एक मास तक अमावस्या से पूर्णिमा तक साधना की जाती है तथा नित्य पूजन, नेवैद्य बली आदि कर्म किए जाते हैं। दिव्य रसायन व ऐश्वर्य देती हैं ।
मंत्र- ‘ॐ मंजूघोष आगच्छागच्छ स्वाहा ।’
(2) मनोहारी किन्नरी मंत्र- उपरोक्त वर्णित तरीके से साधना पर्वत शिखर पर की जाती है तथा सभी मनोकामनाएं भार्या के रूप में प्रदान करती हैं ।
मंत्र- ‘ॐ मनोहार्ये स्वाहा ।’
3) सुभगा किन्नरी मंत्र- उज्जट पर्वत शिखर पर साधन होता है तथा चंदन मिले जल से अर्घ्य देना पड़ता है। स्वर्ण मुद्राएं नित्य प्रदान करती हैं ।
मंत्र- ‘ॐ सुभगे स्वाहा ।’
(4) विशाल नेत्रा किन्नरी मंत्र- नदी के एकांत तट पर साधना की जाती है तथा भार्या बनकर नित्य स्वर्ण मुद्राएं देती हैं ।
मंत्र- ‘ॐ विशाल नेत्रे स्वाहा ।’
(5) सुरति प्रिय किन्नरी मंत्र- पवित्र नदी के संगम पर साधन होता है तथा वस्त्रालंकार तथा स्वर्ण प्रदान करती हैं ।
मंत्र- ‘ॐ सुरति प्रिये स्वाहा ।’
(6) अश्वमुखि किन्नरी मंत्र- निर्जन-उज्जट पर्वत शिखर पर साधना से प्रसन्न होने वाली हैं तथा काम, भोग, ऐश्वर्य, धन व स्वर्ण प्रदान करती हैं ।
मंत्र- ‘ॐ अश्वमुखि स्वाहा ।’
(7) दिवाकरी मुखि किन्नरी मंत्र- निर्जन पर्वत शिखर पर साधना की जाती है तथा भोग व ऐश्वर्य प्रदान करती हैं ।
मंत्र- ‘ॐ दिवाकरी मुखि स्वाहा ।’
(8) मंगला किन्नरी मंत्र- नितांत एकांत में नदी के संगम या तट पर साधना की जाती है तथा अपनी इच्छा बताने पर पूरी करती हैं ।
मंत्र- ॐ मंगला किन्नरी स्वाहा
मनुष्य अपना प्रयास अभीष्ट पूर्ति के लिए करता है । भाग्यवश उसे सफलता प्राप्त होती है, लेकिन तंत्र के माध्यम से देवकृपा प्राप्त कर वह अपनी इच्छा पूर्ण कर सकता है । आवश्यकता है केवल इच्छाशक्ति की तथा एक योग्य मार्गदर्शक की ।

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जय माँ कामाख्या

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