अचूक तांत्रिक रक्षा प्रयोग कैसे करें ?

तांत्रिक रक्षा प्रयोग के 6 अचूक प्रयोग :

तांत्रिक प्रयोग ओर तंत्र मंत्र साधना के बारे में बात करने से पहले , में यह स्पष्ट करना चाह्त्ता हूँ की तंत्र मंत्र और तांत्रिक प्रयोग का उपयोग केबल धार्मिक और मानब कल्याण केलिए प्रयोग करना चाहिए । किसी भी तरह की नकारात्मक और अनैतिक क्रियाओ केलिए इसका उपयोग करना सख्त निषेध किया जाता है । यंहा आप सबके लिये तांत्रिक प्रयोग से रक्षा के 6 अचुक प्रयोग दे रहा हूँ , जिसको प्रयोग करके आप अपना निजी जीबन में परिबर्तन ला सकते हो…

तांत्रिक रक्षा प्रयोग के कुछ अचूक उपाय

1 – पीली सरसों, गुग्गल, लोबान व गौघृत इन सबको मिलाकर इनकी धूप बना लें व सूर्यास्त के 1 घंटे भीतर उपले जलाकर उसमें डाल दें। ऐसा 21 दिन तक करें व इसका धुआं पूरे घर में करें । इस तांत्रिक रक्षा प्रयोग से नकारात्मक शक्तियां दूर भागती हैं ।
 
2 – गऊ, लोचन व तगर थोड़ी सी मात्रा में लाकर लाल कपड़े में बांधकर अपने घर में पूजा स्थान में रख दें । शिवजी के इस तांत्रिक रक्षा प्रयोग से तमाम तांत्रिक प्रयोगों का असर समाप्त हो जाएगा ।
 
3 – घर में साफ -सफाई रखें व पीपल के पत्ते से 7 दिन तक घर में गौमूत्र के छींटे मारें व तत्पश्चात शुद्ध गुग्गल का धूप जला दें ।
 
4 – कई बार ऐसा होता है कि शत्रु आपकी सफलता व तरक्की से चिढ़कर तांत्रिकों द्वारा अभिचार कर्म करा देता है । इससे व्यवसाय बाधा एवं गृह क्लेश होता है अतः इसके दुष्प्रभाव से बचने हेतु यह तांत्रिक रक्षा प्रयोग एक बार जरुर करना चाहिए प्रयोग केलिए सवा 1 किलो काले उड़द, सवा 1 किलो कोयला को सवा 1 मीटर काले कपड़े में बांधकर अपने ऊपर से 21 बार घुमाकर शनिवार के दिन बहते जल में विसर्जित करें व मन में हनुमान जी का ध्यान करें। ऐसा लगातार 7 शनिवार करें। तांत्रिक अभिकर्म पूर्ण रूप से समाप्त हो जाएगा ।
 
5 – यदि आपको ऐसा लग रहा हो कि कोई आपको मारना चाहता है तो पपीते के 21 बीज लेकर शिव मंदिर जाएं व शिवलिंग पर कच्चा दूध चढ़ाकर धूप बत्ती करें तथा शिवलिंग के निकट बैठकर पपीते के बीज अपने सामने रखें। अपना नाम, गोत्र उच्चारित करके भगवान शिव से अपनी रक्षा की गुहार करें व एक माला महामृत्युंजय मंत्र की जपें तथा बीजों को एकत्रित कर तांबे के ताबीज में भरकर गले में धारण कर लें ।
 
6 – शत्रु अनावश्यक परेशान कर रहा हो तो नींबू को 4 भागों में काटकर चौराहे पर खड़े होकर अपने इष्ट देव का ध्यान करते हुए चारों दिशाओं में एक-एक भाग को फेंक दें व घर आकर अपने हाथ-पांव धो लें। तांत्रिक अभिकर्म से छुटकारा मिलेगा ।

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जय माँ कामाख्या

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