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भूमि भबन साधना

भूमि भबन साधना :

भूमि भबन साधना : इस तेज रफ्तार जीबन के इस युग में हर किसी को भूमि –भबन की इच्छा और आबश्यकता है । इसके लिए कुच्छ बिशिष्ट देबताओं की संयोग अबश्य ही बन अथबा मिल जाते है की साधक की भूमि एबं भबन की इच्छा पूरी हो जाती है । इस प्रकार की इच्छापूर्ति के लिए इस आशय का संकल्प पढ़कर निम्न अनुष्ठान करने से लाभ अबश्य होता है –

भूमि भबन साधना (गणपति अनुष्ठान ): शुद्ध निर्बिघ्न स्थल, नदी तट, देबालय, पर्बत, बन या गौशाला अथबा अपने स्थान में ही नया रक्तबर्ण आसन, गुड़हल पुष्प, गणपति की एक छोटी बारह अंगुल से छोटी काले रंग की पथर प्रतिमा जो बरद मुद्रा में हो । “ॐ भू गणपतये नम:”, मंत्र से जल, पुष्प, रक्त चन्दन, कुंकुम नामक इत्र, रक्त आसान, काठ का पीड़ा या पटरा, धूप, दीप, नैबेद्य, यज्ञोपबीत, पेयजल, दक्षिणा बस्त्र ताम्बूल, पूंगीफल (सुपारी) लड्डू का भोग तथा लाल फल मीठे ११ दिन तक प्रात:काल सूर्योदय के समय अर्पित करे । फिर ३३ माला जप उक्त मंत्र की करे और पूजनोपरान्त ११ बर्ष से कम आयु के बच्चों को एक एक लड्डू, एक एक फल बी एक एक रुपया दक्षिणा देबे । निशिचित रूप से अनुकूल परिणाम मिलता है ।

भूमि भबन साधना (पृथ्वी साधना ): गणपति अनुष्ठान की भाँती पृथ्वी अनुष्ठान के लिए भी संकल्प पढ़कर गोबर (गाय का) से एक निर्बिघ्न स्थान जंहाँ पर २१ दिन तक दूसरा न जाये, शुभ मुहूर्त में लीपकर, शुद्ध हो शुद्ध आसन पर बैठकर “ॐ पृथिब्यै नम:” इस मंत्र से धूप, दीप, नैबेद्य, चाबल, कुंकुम, इत्र, बस्त्र, दक्षिणा, पान, सुपारी, इलायची, लौंग, फल, मिठाई, से पूजन करे अथबा योग्य ब्राहमण से कराए तथा उसी आसन पर स्थित रहकर २१ माला जप नित्य करे बाद में प्रसाद बच्चों में बाँट दे । २१ दिन अनुष्ठान करने से समस्या का हाल निश्चय ही होता है । कोई बिघ्न आ जाए तो धैर्यपूर्बक दुबारा यही अनुष्ठान करे । एक कार्य के लिए एक अनुष्ठान करना होता है ।

भूमि भबन साधना (बाराह साधना) : भूमि और भबन के कार्य रुके पड़े हों तो शुद्ध स्थान पर कची मिट्टी बाली जगह पर संकल्प पढ़कर ११ दिन तक निम्न मंत्र से – “ॐ नमो बाराहाय उद्धार्र्णाय नम:” जल, पुष्प, चाबल, चन्दन, धूप, दीप, नैबेद्य, आरती, बस्त्र, दक्षिणा, फल, पान सुपारी, से बाराह मूर्ति अथबा चित्र पर करके ११ माला जप नित्य सूर्योदय के समय करने से समस्या का समाधान जल्दी ही हो जाता है । प्रसाद नित्य बच्चों में बाँटे ।

यूँ बहुत से अन्य कारगर एबं प्रभाबी उपाय इस समस्या के निदान के लिए हैं किन्तु ये अनुष्ठान त्वरित कार्य सिद्धि के लिए बड़े उपयोगी और सरल है । एक बार में कार्य न होने पर दुबारा तिबारा भी कर सकते हैं ।

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ज्योतिषाचार्य प्रदीप कुमार
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