गौतम अडाणी
गौतम अडाणी  2024 की भबिष्यफ़ल :
December 14, 2023
बृषभ राशि और शनि
बर्ष 2024 में बृषभ राशि पर शनि का प्रभाब :
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मेष राशि और शनि

साल 2024 में मेष राशि पर शनि का प्रभाब :

मेष राशि और शनि : इस बर्ष , बर्ष पर्यन्त शनि का प्रभाब आपकी राशि से एकादश स्थान में रहेंगी । ग्यारहबॉं शनि लाभ का प्रशस्त करेगा । स्वास्थ्य में काफी सुधार होगा, जो रोग की स्थिति चली आ रही है । उसमे लाभ की स्थितियां बनेगी।  रोग व कष्ट से मुक्ति का समय है । कार्य बिस्तार की योजना कार्यानिव्त होगी । नौकरी में बॉस व अधिकारियों से संबन्ध में सुधार आयेगा । घर -परिबार को आप तमाम ब्यस्तताओं के बाबजूद समय देंगे । घर में किसी नबीन बस्तु की खरीददारी हो सकती है । भाइयों से सम्पति संबंधी बिबाद का हाल निकलता हुआ नजर आयेगा , लेकिन आगे जाकर बह बिबाद कहीं न कहीं उलझता हुआ दिखेगा ।

जून से नवंबर के मध्य शनि बक्र स्थिति में चलायमान रहेंगे । उस समय कोई राजकीय मुसीबत व अड़चन मुंह फाड़े खड़ी रहेगी। आपके किसी काम की आलोचना या निंदा हो सकती है।  रूपयों -पैसों के मामले में किसी पर भी भरोसा नहीं करें।  अपनी काम को पूरी जिम्मेदारी व संजीदगी से अंजाम देंगे । शनि के दुष्प्रभाब व परिणाम को कम करने के लिए आपको आचार्य से परामर्श लेकर उपाय करना चाहिए ।

साल 2024 में मेष राशि और शनि के दुस्प्रभाब को कम करने के उपाय :

1) मेष राशि और शनि के दुस्प्रभाब को कम करने के लिए आप किसी भी बिद्वान ब्राम्हण द्वारा या स्वयं शनि के तंत्रोक्त , बैदिक या पौराणिक मन्त्रों के 23000 जाप करें या कराएं । शनि का तंत्रोक्त मंत्र निम्नलिखित है – “ॐ प्रां प्रीं स: शनैश्चराय नमः

2) मेष राशि और शनि के दुस्प्रभाब को कम करने के लिए शनिबार का ब्रत रखे । इस दिन एक समय सायंकाल में ही भोजन करें। शनि संबंधी उपचार करने के बाद उपबास खोलने पर दान अबश्य ही करना चाहिए ।

3) मेष राशि और शनि के दुस्प्रभाब को कम करने के लिए कीड़ी, नगरा सींचे । चीटियों को भोजन कराएं ।

4 )काला कंबल, उड़द की दाल, काले तिल, तेल,चरण पादुका (जूते ), काला बस्त्र , मोटा अनाज व लोहे के पात्र का दान करना चाहिए ।

5) शनि की पीड़ा को कम करने के लिए , 7 प्रकार के अनाज व दालों को मिश्रित करके पक्षियों को चुगाएं ।

6 )बैगनी रंग का सुगन्धित रूमाल पास में रखें ।

7) शनि मंदिर में शनि की मूर्ति पर तिल का तेल चढ़ाएं ।

8) शनि भगबान के सामने खड़े रहकर दर्शन नहीं करें, किनारे में खड़े रहकर दर्शन करें , जिससे शनि की दृष्टि आप पर नहीं पड़े ।

9 )शनि न्याय के देवता है , अतः उन्हें हाथ नहीं जोड़ा जाता। दोनों हाथ पीछे करके सिर झुका कर उन्हें नमन करें ,जिस प्रकार ब्यक्ति न्यायाधिकारी सन्मुख खड़ा होता है ।

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आचार्य प्रदीप कुमार (मो) :+91-9438741641 (Call/Whatsapp)

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