घंटाकर्ण कल्प प्रयोग

Ghantakarna Kalp Prayog :

इस घंटाकर्ण कल्प प्रयोग (Ghantakarna Kalp Prayog) को आप शुभ मास, शुक्ल पक्ष तथा ५- १० -१५ तिथि सोम, बुध ब गुरुबार में करे । रबि पुष्य, हस्त ब मूल नक्षत्र में हो या अन्य कोई अमृत सिद्धि योग बने तब प्रयोग करे । प्रयोग देबस्थान, नदी तालाब के पास या घर में एकांत में करे ।
प्रयोग हेतु कम से कम ३३००० जप नियम पूर्बक ४२ दिन में करे । प्रातः मध्यान्ह, सायं एक एक माला करे मध्य रात्रि में १ माला का होम करे । शत्रुनाश हेतु सरसों, कालीमिर्च ब गुग्गल से होम करे ।

पुरुषाकार यंत्र बनायें । कंठ में श्रीनम: लिखे । दक्षिण भुजा में सर्बे ह्रीं नम: नाम भुजा में शत्रु नाशने नम:, शिर के ऊपर अग्री चौर भयं नास्ति ह्रीं घंटाकणों नमोस्तुते ठ: ठ: स्वाहा लिखे ।

ह्रदय ब उदर में १२ कोष्ठक बनाकर उनमें ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्बदुष्टनाशनेभय १२ अक्षरों को लिखे ।
दक्षिण पैर में रां रीं खं लिखे एबं बांये पैर में हां हीं हूँ नम: लिखे ।

“ॐ घंटाकणों महाबीर सर्बब्याधि बिनाश्क: ।
बिस्फोटक भयं प्राप्ते रक्ष रक्ष महाबल ।।१।।
यत्र तवं तिष्टसे देब लिखितोक्षरे पंक्तिभि: ।
रोगास्तत्र प्रणश्यन्ति बातपित्त कफोद्रबा ।।२।।
तत्र राजभयं नास्ति यांति कर्ण जपातक्षयं ।
शाकिनी भूत बैताल राक्षसा प्रभबन्ति न ।।३।।
ना अकाले मरणं तस्य न च सर्पेण डस्यते ।
अग्नि चौर भयं नास्ति ह्रीं ॐ घंटाकणों नमोस्तु ते ।।४।।”

Ghantakarna Kalp Prayog Vidhi :

दीपावली रात्री, नबरात्र में अथबा सूर्य चन्द्र ग्रहण से तीन दिन तक उपबास पूर्बक १२५०० जप करे, पृथ्वी पर शयन करे । घृत, तिल, गुगल, सहदेबी राई, सरसों, काकडे रुई के (बिलोने) दूध, दही शहद सबको मिलाकर दशांश होम करें । अर्धरात्रि में ५०० बार होम करे उस समय गुगल, नारियल का बुरा, छुआरा २१, किशमिश २१, बादाम २१, पान २१ तथा मिश्री लाल चन्दन, सहदेबी, अगर, घृत, दूध, दही शहद के साथ बील ब पीपल की समिधा से हबन करे । मंत्र सिद्धि होने के बाद प्रयोग करे ।

असाध्य रोगों में जंहा डॉक्टर जबाब दे चुके हो उन रोगियों के लिए यह घंटाकर्ण कल्प प्रयोग (Ghantakarna Kalp Prayog) रामबाण है । घंटाकर्ण कल्प प्रयोग (Ghantakarna Kalp Prayog) समय स्नान करते समय गंगादि तीर्थो का स्मरण करें । मंत्र – ह्रीं ह्रीं गंगायै नम: ।

बस्त्र पहनते समय ॐ ह्रीं क्लीं आनंद देबाय नम: मंत्र पढ़े । जप करते समय भूमि ब आसन की पूजा करे ।

आज की तारीख में हर कोई किसी न किसी समस्या से जूझ रहा है । हर कोई चाहता है कि इन समस्याओ का समाधान जल्द से जल्द हो जाए, ताकि जिंदगी एक बार फिर से पटरी पर आ सके । आज हम आपको हर समस्या का रामबाण उपाय बताएंगे, जिसे करने के बाद आपकी हर समस्या का समाधान हो जाएगा ।

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Acharya Pradip Kumar is the founder of Mystic Shiva Astrology and a practitioner of Vedic astrology with a solution-oriented approach. His work focuses on understanding birth charts as tools for clarity, awareness, and practical decision-making rather than fear-based predictions. Rooted in classical astrological principles and real-life experience, he emphasizes responsible guidance, timing, and conscious remedies aligned with an individual’s life path.

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