अघोरी शत्रु मारण यंत्र

Aghori Shatru Maran Yantra :

इस यंत्र (Aghori Shatru Maran Yantra) को सोच समझकर बनाइए क्योंकि आपकी जरा सी गलती से आपकी जान जा सकती है या आप काफी मुसीबत में पड़ सकते हैं। मित्रों हम आपको फिर से इस बात का सचेत कर रहे हैं की तांत्रिक विद्या का कोई भी काम आसानी या सरल से नहीं होता है और वह तभी काम करता है जब उसकी आपको जरूरत हो या आपका उतना नुकसान हुआ हो तभी आप किसी का नुकसान कर सकते हैं यदि वह आपके प्रति दोषी नहीं है तो उसके लिए याह काम मत करिए।
 
सामग्री :
दुश्मन का खून ,हाथी के दांत, सफेद कागज
समय : (दिवाली या होली के रात्रि में 12:00 बजे कि बाद)
 
इस यंत्र (Aghori Shatru Maran Yantra) को बनाने के लिए सबसे पहले दिवाली या होली से 1 दिन पहले बताई हुई सामग्री को अपने पास एकत्रित कर लें।
 
अगले दिन दिवाली या होली की रात 12:00 बजे से पहले श्मशान घाट में चले जाइए और अपना मुख दक्षिण दिशा की तरफ करके काले भैंसा की खाल या चमड़ी के आसन पर बैठ जाएं और हाथी के दांत और दुश्मन के खून से बताए हुए यंत्र (Aghori Shatru Maran Yantra) को सफेद कागज पर बनाएं और अपने मन में उस समय को याद करें जिस वक्त आपके दुश्मन ने आपको तकलीफ या ऐसी समस्या खड़ी की हो जिसमें किसी आपके अपने की जान चली गई हो इतना करने के बाद कागज के दूसरी तरफ उस दुश्मन का नाम लिखिए जिसे मारना है!
 
और इसे मोड़ कर उसी श्मशान घाट में दफन कर दीजिए।
दफन करते समय ईश्वर से प्रार्थना कीजिए या मसान के देवता से प्रार्थना करिए कि हे मसान जो हम कार्य करने जा रहे हैं इसमें आप हमें सफल बनाएं।
 
सावधानियां :
*इस कार्य को हमेशा सोच समझ कर करना चाहिए इस प्रकार की सिद्धि या यंत्र प्रयोग काफी खतरनाक और भयानक होते हैं।
*इस प्रकार के कार्य में असफलता होने पर या बीच में रुकावट करने पर या भयभीत हो जाने पर आपकी या आपके घर में किसी की भी जान जा सकती है या उसकी मौत हो सकती है।
*आप इस कार्य को तभी करें जब इसकी आपको जरूरत हो।
*किसी बेकसूर या निर्दोष मनुष्य को मारने के लिए इस यंत्र का प्रयोग कभी नहीं करना चाहिए।
*इस यंत्र को बताए हुए समय और बताई हुई विधि के अनुसार ही करना चाहिए।
*इस कार्य को हमेशा किसी ज्ञानी पुरुष या आपके गुरु की सलाह से या सलाह लेकर करना चाहिए । बिना गुरु या अधुरा ज्ञान से किया हुआ कार्य कभि सफल नहि होता है ! इस्सिलिये आपको मेरे सलाह है, जो भि तंत्रोक्त कार्य करो,आपके गुरु क सलाह से हि करो तभि आपको सफलता प्राप्त होगा !
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ज्योतिषाचार्य प्रदीप कुमार :- मो. 9438741641  {Call / Whatsapp}
जय माँ कामाख्या

Acharya Pradip Kumar is the founder of Mystic Shiva Astrology and a practitioner of Vedic astrology with a solution-oriented approach. His work focuses on understanding birth charts as tools for clarity, awareness, and practical decision-making rather than fear-based predictions. Rooted in classical astrological principles and real-life experience, he emphasizes responsible guidance, timing, and conscious remedies aligned with an individual’s life path.

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