Bir Vetal Pratyakshikaran Sadhana: नवनाथों का वो गुप्त शाबर मंत्र, जिससे साक्षात् प्रकट होते हैं भूतों के राजा!
भाई, आज मैं (आचार्य प्रदीप कुमार) तंत्र शास्त्र के उस खजाने से पर्दा उठाने जा रहा हूँ, जो सिद्ध नवनाथों की विशेष रचना है। हम बात कर रहे हैं Bir Vetal Pratyakshikaran Sadhana की। देखिए भाई, शाबर मंत्रों की महिमा ही निराली है; भगवान शिव और गुरु गोरखनाथ के आशीर्वाद से १०० करोड़ शाबर मंत्रों की रचना हुई थी, पर आज हमारे पास १० हजार भी नहीं बचे। वैदिक मंत्रों को सिद्ध करने में वर्षों लग जाते हैं, पर कलयुग में शाबर मंत्र ही वो शक्ति हैं जो तुरंत असर दिखाती हैं।
बेताल को भूतों का राजा माना जाता है। यह एक प्रचंड शक्ति है जो आपके जीवन से हर प्रकार के भय का नाश कर सकती है। भाई, फेसबुक और यूट्यूब वाले “अघोरी तांत्रिक बाबाओं” के चक्कर में पड़ने से अच्छा है कि खुद मेहनत करो और इस गोपनीय शक्ति को सिद्ध करके समाज कल्याण की ओर कदम बढ़ाओ।
Ek Real Case Study :
यह बात करीब ४ साल पुरानी है, Salia Sahi (Bhubaneswar) के पास के एक सज्जन ने मेरे पास आए थे। उनके घर में एक सदस्य को ऐसी रहस्यमयी बीमारी थी जिसका डॉक्टर भी पता नहीं लगा पा रहे थे। जब मैंने उनकी स्थिति देखी, तो समझ गया कि यह किसी बाहरी बाधा का खेल है। मैंने अपने एक योग्य साधक को गुरु सानिध्य में Bir Vetal Pratyakshikaran Sadhana करने का निर्देश दिया। २१ दिनों के कड़े नियम और लगन के बाद, जब बेताल का प्रत्यक्षीकरण हुआ, तो उसने न केवल उस बीमारी का कारण बताया बल्कि उसे जड़ से खत्म कर दिया। आज वो परिवार पूरी तरह सुखी है। भाई, यही है शाबर मंत्रों और बेताल की असली ताकत!
“भाई, यह तो हुई शाबर मंत्रों की प्रचंड शक्ति। अगर आप महादेव की जटा से उत्पन्न बेताल की उस सौम्य साधना के बारे में जानना चाहते हैं जिसे घर पर भी किया जा सकता है, तो यहाँ पढ़ें: [Vetal Siddhi Sadhna: वैताल साधना की सम्पूर्ण विधि, मंत्र और रहस्यमयी शक्तियां]“
Bir Vetal Pratyakshikaran Sadhana Bidhan: सोमवार का गुप्त विधान
भाई, यह साधना किसी भी सोमवार से शुरू की जा सकती है। दिमाग में एक बात डाल लो—मेहनत और लगन ही सफलता की कुंजी है।
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समय: यह साधना सिर्फ रात्रि में ही संपन्न की जाती है।
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एकांत: साधना के लिए बिल्कुल शांत और एकांत जगह का चुनाव करें।
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आसन और वस्त्र: लाल या काले रंग के वस्त्र और आसन का ही प्रयोग करें।
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दिशा: यह एक दक्षिणमुखी साधना है, इसलिए मुख दक्षिण दिशा की ओर रखें।
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पूजन: साधना से पहले भगवान शिव का पूजन अनिवार्य है। तेल का दिया जलाएं और उग्र सुगंध वाली अगरबत्ती का प्रयोग करें।
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नियम: २१ दिनों तक रोज रात को ११ माला जाप करना है। अपने पास रोज एक गुलाब का फूल रखें, जब बेताल दर्शन दे, तो उसे भेंट करें।
।। Bir Vetal Pratyakshikaran Sadhana Mantra ।।
भाई, रुद्राक्ष की माला से यह शाबर मंत्र का जाप करें:
“ॐ नमो आदेश गुरूजी को, मसान में रमता रात में जगता भूतो का राजा मेरे गुरु के विद्या से चलके आना, ना आये तो राजा तेरा हुकूम ना चले, दुहाई गुरु गोरखनाथ की, मेरी भक्ति गुरु की शक्ति, चलो मंत्र ईश्वरी वाचा।।”
FAQ: Bir Vetal Pratyakshikaran Sadhana पर आपके सवाल
१. क्या Bir Vetal Pratyakshikaran Sadhana को कोई सामान्य व्यक्ति कर सकता है?
हाँ भाई! शाबर मंत्र पढ़ने में आसान होते हैं, इसलिए एक सामान्य साधक भी गुरु मार्गदर्शन में इसे सिद्ध कर सकता है।
२. साधना के दौरान अगर डर लगे तो क्या करें?
भाई, बेताल एक प्रचंड शक्ति है, थोड़ा भय होना स्वाभाविक है। पर याद रखें, गुरु गोरखनाथ की दुहाई दी गई है, इसलिए डरो मत और जाप जारी रखो।
३. क्या इस साधना से रोगों का निवारण संभव है?
बिल्कुल भाई! वीर वेताल साधना से समस्त प्रकार के रोगों और षट्कर्मों में सफलता प्राप्त की जा सकती है।
४. क्या २१ दिन के बाद बेताल साक्षात् दर्शन देता है?
अगर आपकी लगन सच्ची है और विधि सटीक है, तो बेताल का प्रत्यक्षीकरण अवश्य होता है। २१ दिनों का यह विधान बहुत ही जाग्रत है।
५. क्या इस साधना के लिए किसी विशेष माला की ज़रूरत है?
हाँ भाई, इस साधना के लिए रुद्राक्ष माला का ही प्रयोग करें, क्योंकि यह शिव और अघोर शक्तियों की प्रिय माला है।
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जय माँ कामाख्या!