सुबह उठकर क्या न देखें

Subah के वक्त हम दिन भर के कामों की रूपरेखा बनाकर घर से निकलते हैं । मगर कई बार नजरें ऐसी चीजों पर पड़ जाती हैं, जिनको देखने से बने बनाए काम बिगड़ जाते हैं । शास्त्रों में कुछ ऐसी चीजों का उल्लेख देखने को मिलता है, जिनको सुबह के वक्त देखने से पूरा दिन खराब हो जाता है ।

सुबह बिस्तर छोड़ने के बाद आंख खुलते ही, भष्म, कपास, दवाई, और सांप का दिखना शुभ नहीं माना जाता । ऐसी मान्यता है कि अगर ऐसी चीजें दिख जाएं तो उस दिन हर काम में विशेष सावधानी रखें ।
इनका दिख जाना मतलब दिन गुजरेगा तनाव में :
मान्यताओं के अनुसार सुबह (subah) के वक्त दुर्घटना, फूटे हुए बर्तन और बंद घड़ी का दिखना शुभ नहीं होता है । इससे दिन उलझन और तनाव में बीतता है । अगर ऐसा कुछ दिख जाए तो अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए चुपचाप शांति के साथ पूरा दिन बिताना चाहिए, ऐसे में कोई बड़ा फैसला लेने से बचना चाहिए ।
सुबह (subah) इन्हें देखने के बाद भी नाम से ना पुकारें :
हनुमान चालीसा के अनुसार सुबह (subah) कुछ खाने से पहले कभी भी बंदर का नाम नहीं लेना चाहिए भले ही बंदर आपको दिख जाए । मान्यताओं के अनुसार इससे दिन उलझनों में बीतता है और समय से भोजन नहीं मिल पाता है । वैसा हनुमानजी का नाम लेने में कोई दिक्कत नहीं है ।
सुबह (subah) उठते ही ना देखें इन्हें :
प्रातः उठते ही आईने में अपना चेहरा भूलकर भी न देखें । इससे हमारा पूरा दिन खराब जाता है ऐसी मान्यता है। हां, प्रातः उठकर अपनी दोनों हथेलियों को आपस में सटाकर एक बार दर्शन जरूर करना चाहिए । मान्यता है कि इससे आपके दिन की शुरुआत और अंत भी अच्छी होती है ।
कुत्तो को इस अवस्था में देखना है अशुभ :
मान्यता है कि प्रातः के वक्त किसी शुभ काम से जा रहे हों और रास्ते में मैथुन अवस्था में कुत्ता दिखे तो यह शुभ नहीं होता है । इसे काम के बनने में बाधा का सूचक माना जाता है ।
घर में इन वस्तुओं को हमेशा रखें अंदर छिपाकर :
प्रातः तेल के बर्तन या फिर सुई-धागे आदि पर नजर पड़ना शुभ नहीं माना जाता । रात में यदि ये चीजें किसी ऐसी जगह हो जिससे प्रातः उठते ही नजर पड़ जाए तो बेहतर होगा कि इसे वहां से हटाकर ऐसी जगह रख दें, जहां सामान्य तौर पर नजरें नहीं जातीं ।

विभिन्न समस्या से सम्बंधित जानकारी के लिए संपर्क करें (Mob) 9438741641  (Call/ Whatsapp)

जय माँ कामाख्या

Acharya Pradip Kumar is the founder of Mystic Shiva Astrology and a practitioner of Vedic astrology with a solution-oriented approach. His work focuses on understanding birth charts as tools for clarity, awareness, and practical decision-making rather than fear-based predictions. Rooted in classical astrological principles and real-life experience, he emphasizes responsible guidance, timing, and conscious remedies aligned with an individual’s life path.

Sharing Is Caring:

Leave a Comment