सत्रु विनासक धूमावती प्रयोग

सत्रु विनासक धूमावती प्रयोग

सत्रु विनासक धूमावती प्रयोग : यह प्रयोग अत्यंत भय कारक है । विचार पूर्वक इस मंत्र का जप करना चाईए । बिना गुरु के इस प्रयोग को करना अत्यंत नुकसान पहुचा सकता है । धूमावती प्रयोग मंत्र : “धूम धूम धूमावती। मसान में रहती मरघट जगाती। सूप छानती जोगनियो के संग नाचती। डाकनियो के संग … Read more

शाबर शत्रुस्तम्भिनि प्रयोगों :

शाबर शत्रुस्तम्भिनि प्रयोगों :

शाबर शत्रुस्तम्भिनि प्रयोगों : शाबर शत्रुस्तम्भिनि : प्रस्तुत समय एक ऐसा समय है जहां पर व्यक्ति स्वार्थ के वशीभूत हो कर किसी के लिए भी अहित करने के लिए तैयार हो जाते है । कई बार यह देखने में आया है की परिवार के निकट का सबंधी व्यक्ति या रिश्तेदार ही अपने स्वार्थ के लिए … Read more

शत्रु विनाशक अघोर मंत्र प्रयोग :

शत्रु विनाशक अघोर मंत्र प्रयोग :

शत्रु विनाशक अघोर मंत्र प्रयोग : शत्रु विनाशक अघोर मंत्र : जब प्राण संकट में हो शत्रु बलवान हो…आजीविका नष्ट कर रहा हो । कोई उपाय न रहा हो तब ही ये शत्रु विनाशक अघोर मंत्र करे । कुतुहल और जिज्ञासा से कभी न करे । शनिवार के दिन व्यक्ति की मौत हुई हो और … Read more

शत्रु मारण मंत्र प्रयोग:

शत्रु मारण मंत्र प्रयोग

शत्रु मारण मंत्र प्रयोग : शत्रु मारण मंत्र प्रयोग (1) – “ॐ नमो नरसिंहाय कपिल जटाय अमोधबी चासत बृत्ताय महाडोग्र चंड रूपाय ओम ह्रीं ह्रीं छां छां छीं छीं फट् स्वाहा ।” शत्रु मारण मंत्र प्रयोग (2) – “ॐ हाथ खड़ग मूशल लै कमला गरूड पाय परति आबैं ताहि मारि को नरसिंह बीर बायु नरसिंह … Read more

शत्रु मारण हेतु धूमाबती मंत्र :

शत्रु मारण

शत्रु मारण हेतु धूमाबती मंत्र : “धूम धूम धूमाबती ! मरघट में रहती , मसान जगाती । सूप छानती, जोगानियों के संग नाचती । डाकानियों के संग मांस खाती ।मेरी बैरी (……) का भी तू मांस खायै, कलेजा खायै –लहू पियै –पियास बुझायै । मेरे बैरी को तड़पा –तड़पा मार ना मारै, तो तोहुं को … Read more