कामेश्वरी योगिनी साधना :

कामेश्वरी योगिनी साधना :

कामेश्वरी योगिनी देबी चन्द्रमा के समान मुखबाली, खंजन जैसे चंचल नेत्रों बाली, चंचलगति बाली, सुन्दर तथा पुष्प बाण को धारण करने बाली हैं ।

कामेश्वरी योगिनी का साधन मंत्र यह है –
“ॐ ह्रीं आगच्छ कामेश्वरी स्वाहा ।”

कामेश्वरी योगिनी साधना बिधि –

भोजपत्र के ऊपर गोरोचन द्वारा सर्बालंकारों से बिभूषित देबी का एक चित्र बनाकर, पूर्बोक्त बिधि से पूजनादि कर, किसी एकांत स्थान में शय्या के ऊपर बैठ कर एकाग्रचित से प्रतिदिन 1000 की संख्या में मंत्र का जप करें । पूजा तथा मंत्र जप के समय घृत एबं मधु का दीपक जलाना चाहिए । यह नियम निरन्तर एक मास तक रखना आबश्यक है ।

उक्त प्रकार से ध्यान, पूजन एबं मंत्र जप करने पर कालेश्वरी देबी साधक के समीप प्रकट होकर उसकी समस्त मनोकामनाओं को पूर्ण करती है तथा पत्नी के रूप में उसे बिबिध भोग प्रदान करती है । बे रात भर साधक के पास रह कर, तथा अनेक प्रकार के बस्त्रालंकार देकर प्रात:काल चली जाती है तथा फिर प्रत्येक रात्रि में आती रहती है ।

योगिनी के सिद्ध हो जाने पर साधक को अपनी पत्नी तथा अन्य स्त्रियों का संसर्ग त्याग देनी चाहिए ।

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चेताबनी : भारतीय संस्कृति में मंत्र तंत्र यन्त्र साधना का बिशेष महत्व है ।परन्तु यदि किसी साधक यंहा दी गयी साधना के प्रयोग में बिधिबत, बस्तुगत अशुद्धता अथबा त्रुटी के कारण किसी भी प्रकार की कलेश्जनक हानि होती है, अथबा कोई अनिष्ट होता है, तो इसका उत्तरदायित्व स्वयं उसी का होगा ।उसके लिए उत्तरदायी हम नहीं होंगे ।अत: कोई भी प्रयोग योग्य ब्यक्ति या जानकरी बिद्वान से ही करे। यंहा सिर्फ जानकारी के लिए दिया गया है । हर समस्या का समाधान केलिए आप हमें इस नो. पर सम्पर्क कर सकते हैं : 9438741641 /9937207157 (call/ whatsapp)

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