Ichhit Vastu Prapti ka Sabse Shaktishali Tantra

Ichhit Vastu Prapti Ka Sabse Shaktishali Tantra :

निम्नलिखित तांत्रिक प्रयोगों से इच्छित बस्तु की प्राप्ति (Ichhit Vastu Prapti) होती है, ऐसा कहा गया है –

(1) भाद्रपद मास के कृष्णपक्ष में भरणी नक्षत्र बाले दिन पानी से भरे हुए चार कलश लेकर जंगल में जायें तथा बंहाँ उन्हें किसी एकान्त जगह में रख कर लौट आयें । फिर, दुसरे दिन उसी स्थान पर पहुँचे और बंहाँ जो कलश खाली दिखाई दें । उसे अपने घर ले आयें । शेष कलशों को खाली करके बहीं छोड़ आयें । घर लाये हुए खाली कलश को किसी एकांत कोने में रख कर, प्रतिदिन उसका पूजन करते रहें । इस इच्छित बस्तु प्राप्ति प्रयोग (Ichhit Vastu Prapti Prayog) के करने से लक्ष्मी जि साधक पर प्रसन्न होकर, सदैब उसी के घर में निबास करती हैं । इस इच्छित बस्तु प्राप्ति साधना को करने बाला समस्त इच्छित बस्तुएं प्राप्त कर लेता है ।

(2) पुष्य नक्षत्र में आम तथा धतूरे के ऊपरी भाग तथा कटेली की जड़ को लाकर – सबको मिला कर चूर्ण करलें । इस चूर्ण को जिस ब्यक्ति के सिर पर डाल दिया जायेगा, उससे इच्छित बस्तु प्राप्ति (Ichhit Vastu Prapti) किया जा सकेगा ।

(3) माघ मास के कृष्णपक्ष की त्रयोदशी की रात्रि में ऊँट की हड्डी को न्यौत आबें तथा चतुर्दशी की रात्रि में उसे लाकर धूप दीप दें । फिर, उसे पानी से धोकर, कुंकुम, चन्दन आदि लगाकर उससे मनबांछित बस्तु की याचना करें तो किसी –न –किसी माध्यम से बह अभिलाषा शीघ्र पूरी हो जायेगी ।

(4) मुस्ता की जड़ को सोने में मढ्बा कर दायें हाथ में बाँधने से सब प्रकार के सुख एबं धन –धान्य की प्राप्ति होती है ।

(5) मेढ़े के सींग को रबिबार के दिन न्यौत कर ले आयें । फिर उसे जलाकर एक गोली बनायें तथा उस गोली को पृथ्बी में गाढ़ कर तेल से सींचे । तदुपरान्त, आधी रात के समय, एकांत में, उस गोली के पास बैठकर अपने मन में जिस कार्य के पूरा होने की अभिलाषा करेंगे बह पूरा हो जाएगा तथा जिस बस्तु को प्राप्त होने की मांग करेंगे, बह किसी –न –किसी माध्यम से मिल जायेंगी ।

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Acharya Pradip Kumar is the founder of Mystic Shiva Astrology and a practitioner of Vedic astrology with a solution-oriented approach. His work focuses on understanding birth charts as tools for clarity, awareness, and practical decision-making rather than fear-based predictions. Rooted in classical astrological principles and real-life experience, he emphasizes responsible guidance, timing, and conscious remedies aligned with an individual’s life path.

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