माहेन्द्री यक्षिणी देवी मंत्र साधना

Mahendri Yakshini Devi Mantra Sadhana :

माहेन्द्री यक्षिणी आवाहन मंत्र :
“ओम् नमो माहेंन्द्र परवत निवासिनी आवेही गच्छ फट् ।।” [[१०८बार पहले ये मंत्र को जपकर के ही साधना चालू करें । ]]
{{ ओम् नमों माहिन्द्री कुल कुल युल युल स्वाहा ।।}}
जब आकाश में इंद्रधनुष निकले तभी से ये साधना चालू कर देनी चाहिये । ये साधना कुल ३१दिन की हैं यद्धपि इसमें और भी समय लग सकता है ।
जिस समय इंद्रधनुष निकले इसी समय से ये साधना करनी चाहिये ये साधना एक पेड के नीचे बैठकर की जाती हैं :- नीम या निरगुंडी दोनो पेड में से चाहे जिस पेड के नीचे बैठकर साधना करें रूद्राक्ष माला से रोज 21 या 51 माला का जाप करें लाल कपडे पहनकर लाल आसन पर बैठे कर करें ३१वें दिन ये यक्षणी सामने आ जाती हैं तब हाथ जोडकर नमः शिवाय का ७ बार जपकर यक्षणी को मां कहकर पुकारे तो यक्षणी बहुत ही खुश हो जाती हैं और वर मांगने को कहती हैं इस संसार में इस यक्षणी को पराजित कोई भी यक्षणी नही कर सकती ।
यह यक्षणी (Mahendri Yakshini) जिसे सिद्ध हो जाती हैं तो उस साधक से भूत पिशाच कोसो दूर भाग जातें हैं पाताल से भी धन लाकर देती हैं ये साधना धन की कमी को पूरा करती हैं ।
To know more about Tantra & Astrological services, please feel free to Contact Us :
ज्योतिषाचार्य प्रदीप कुमार (मो.) 9438741641 {Call / Whatsapp}
जय माँ कामाख्या

Acharya Pradip Kumar is the founder of Mystic Shiva Astrology and a practitioner of Vedic astrology with a solution-oriented approach. His work focuses on understanding birth charts as tools for clarity, awareness, and practical decision-making rather than fear-based predictions. Rooted in classical astrological principles and real-life experience, he emphasizes responsible guidance, timing, and conscious remedies aligned with an individual’s life path.

Leave a Comment