Loona Chamari Mantra: 21 Shabar Siddhiyan, Niyam aur Sach

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Loona Chamari Mantra: नियम और २१ शाबर सिद्धियों का सच

भारतीय ग्रामीण अंचलों और प्राचीन तांत्रिक परंपराओं में शाबर मंत्रों का स्थान सर्वोपरि माना गया है। लोक-कल्याण और दैनिक जीवन के कष्टों को तुरंत काटने के लिए Loona Chamari Mantra विधा को सबसे प्रखर, सरल और अचूक माध्यम के रूप में जाना जाता है। लोक-व्यवहार में माता लोना चमारी को गुरु गोरखनाथ जी की शिष्या और शाबर तंत्र की एक अत्यंत जाग्रत शक्ति माना गया है, जिनकी आन दुहाई पड़ते ही बड़े से बड़ा बंधन भी पानी-पानी हो जाता है।

मेरे भाई, एक बात अपने दिमाग में बहुत अच्छे से बिठा लो—यह नाथ पंथ और ग्रामीण अखाड़ों की जाग्रत साधना है, कोई बच्चों का खेल या मनोरंजन नहीं है। आज के समय में इंटरनेट पर कई भटके हुए लड़के-लड़कियां काम-वासना के वशीभूत होकर या किसी बेकसूर को परेशान करने के लिए इन उग्र मंत्रों की खोजबीन करते हैं। लेकिन ध्यान रखना—किसी भी निर्दोष व्यक्ति का अहित करने या बिना उसकी नैतिक सहमति के उस पर तांत्रिक प्रभाव डालने का प्रयास करना घोर अनैतिक है। यदि आपकी नीयत साफ नहीं है, तो इन शक्तियों का विपरीत प्रभाव आपकी अपनी मानसिक शांति और गृहस्थी को पूरी तरह नष्ट कर देगा।

तांत्रिक गुरु जी की विशेष चेतावनी:

तंत्र शास्त्र के अंतर्गत आने वाले यह तमाम शाबर प्रयोग और लोक-टोटके केवल लोक-कल्याण, नजर दोष से तड़पते बच्चों की रक्षा, व्यापारिक बंधन खोलने और बिखरते हुए वैवाहिक जीवन को बचाने के लिए ही शास्त्रों में रचे गए हैं। इनका किसी भी प्रकार का अनैतिक या स्वार्थी उपयोग पूरी तरह वर्जित है। यदि कोई साधक गलत नीयत से इन मंत्रों को आजमाने का दुस्साहस करता है, तो कालचक्र के भयंकर दुष्परिणामों का उत्तरदायी वह स्वयं होगा। यह लेख केवल शास्त्रीय शोध, ज्योतिषीय ज्ञान और जन-जागृति के लिए प्रस्तुत है। किसी भी क्रिया से पूर्व गुरु-निर्देशन अनिवार्य है।

शाबर मंत्र विधा का पौराणिक स्वरूप और सामाजिक मर्यादा

जब हम प्राचीन ग्रंथों और नवनाथ चौरासी सिद्धों के इतिहास को देखते हैं, तो शाबर विधाओं में किसी कठिन अनुष्ठान या श्मशान साधना की आवश्यकता नहीं होती। कलयुग के इस दौर में जहाँ साधारण मनुष्यों के पास लंबे समय तक कठिन तपस्या करने का सामर्थ्य नहीं बचा है, वहाँ इन घरेलू और ग्रामीण शाबर प्रयोगों का आश्रय लिया जाता है।

यदि आपका उद्देश्य पवित्र और न्यायसंगत है, तो यह विधा आपके बिखरते काम और पारिवारिक जीवन को संकट से बचाने में पूरी तरह सहायक सिद्ध होगी। परंतु, यदि साधक के विचार सात्विक नहीं हैं और उसकी नीयत में खोट है, तो यह ग्रामीण सिद्धियाँ तुरंत निष्फल हो जाती हैं।

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मेरी 15 वर्षों के अनुभव की बात: बिलासपुर की एक सच्ची घटना

अपने 15 से अधिक वर्षों के ज्योतिषीय और तांत्रिक मार्गदर्शन के दौरान मेरे सामने कई ऐसे दुखी साधक आए, जिनके व्यापार, घर और बुद्धि को किसी दुष्ट प्रतिद्वंदी ने पूरी तरह बांध दिया था। करीब 3 साल पुरानी बात है, जब मैं छत्तीसगढ़ के बिलासपुर (Bilaspur) शहर में एक यजमान के घर प्रतिष्ठा के सिलसिले में गया था। वहाँ मुझसे रविंद्र जी (बदला हुआ नाम) मिलने केलिए आए थे।

रविंद्र जी की एक बहुत अच्छी कपड़े की दुकान थी, लेकिन अचानक उनकी दुकान का चलना बिल्कुल बंद हो गया। हालत यहाँ तक आ गई कि ग्राहकों का आना तो दूर, लोग उनकी दुकान की तरफ देखना भी पसंद नहीं करते थे। कर्ज के बोझ के कारण वे घोर अवसाद में थे।

जब मैंने उनकी जन्म पत्री बिचार किया तो उनके चतुर्थ और दशम भाव पर राहु और नीच के शनि की बुरी दृष्टि थी, जिससे उनके व्यापार पर एक बहुत गंदा ‘व्यापारिक बंधन’ तंत्र किया गया था। इस विकट स्थिति में, रविंद्र जी को बचाने के लिए मैंने उन्हें दुकान की कीलन काटने का सही नियम समझाया।

रविंद्र ने पूरे संयम और पवित्र भाव से यह अनुष्ठान किये। परिणाम स्वरूप, ठीक कुछ ही दिनों के भीतर दुकान पर किया गया वह तांत्रिक बंधन पानी की तरह बह गया, ग्राहक फिर से दौड़-दौड़ कर आने लगे और आज उनका व्यापार पुनः सुखमय स्थिति में चल रहा है।

२१ प्रामाणिक शाबर मंत्र और उनके जप का विधान

इन शाबर मंत्र अनुष्ठानों को सफल बनाने के लिए साधक को पवित्रता, समय और कड़े नियमों का पूरी तरह पालन करना चाहिए। नियमों में की गई ज़रा सी भी लापरवाही या चूक साधना को पूरी तरह निष्फल कर सकती है। आपके मार्गदर्शन के लिए २१ मूल मंत्र और उनके लोक-उपयोग नीचे दिया गया है :

1. लोना चमारी मूल वशीकरण शाबर मंत्र

यह सबसे प्रसिद्ध और मूल मंत्र है, जिसका उपयोग लोक-परंपराओं में अनुकूलता के लिए किया जाता है।

मंत्र: “ॐ नमो आदेश गुरु को। लूना चमारी जगत की बेड़ी, जो न माने मोही, तो कामरु कामाख्या माई की दुहाई। आकाश बांधूं, पाताल बांधूं, बांधूं दसों द्वार। अमुक (नाम) को वश में करे, न करे तो गुरु गोरखनाथ की आन।”

2. नजर दोष और हाय उतारने का मूल मंत्र

ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों या बड़ों को लगी तीव्र नजर को नमक या राई से उतारते समय इसे पढ़ा जाता है।

मंत्र: “ॐ नमो आदेश गुरु को। किसकी नजर लगी? डीठ की, मीठ की, राह चलते की। लोना चमारी का कोड़ा चले, नजर का साया पानी बने। नजर जाए पाताल, सुख पावे बाल-गोपाल।”

3. चौमुखा कीलन मंत्र (घर की सुरक्षा)

घर के चारों कोनों को तांत्रिक विकृतियों या बुरी ताकतों से सुरक्षित करने के लिए यह सबसे अचूक कीलन मंत्र है।

मंत्र: “ॐ नमो आदेश गुरु को। पूर्व बांधूँ, पश्चिम बांधूँ, बांधूँ उत्तर-दक्षिण द्वार। लोना चमारी आसन बैठी, पहरा देवे चौद्वार। भूत-प्रेत की ताकत टूटे, जो लांघे सो मरे। आन गुरु गोरखनाथ की, दुहाई कालका माई की।”

4. आधासीसी (Migraine) और सिर दर्द नाशक झाड़ा मंत्र

नीम की टहनी या पानी पर फूंक मारकर रोगी का सिर दर्द ठीक करने के लिए ग्रामीण ओझा इसी मंत्र का उपयोग करते हैं।

मंत्र: “ॐ नमो आदेश गुरु को। आधा सीसी तोड़े, पूरा सिर दर्द छोड़े। लोना चमारी की झाडू फिरे, तो कपाल की पीड़ा भागे। दुहाई महादेव की, दुहाई गौरा पार्वती की।”

5. भूत-प्रेत बाधा निवारण तीव्र मंत्र

यह मंत्र किसी व्यक्ति पर आई अचानक अदृश्य बाधा या नकारात्मक ऊर्जा को झटकने के लिए बहुत उग्र माना जाता है।

मंत्र: “सत्य नाम आदेश गुरु का। अखाड़े बैठी लोना चमारी, हाथ में खंडा, गले में मुंड। भागे भूत, भागे प्रेत, भागे डाकिनी का झुंड। जो न भागे, उसे लोना चमारी का कोड़ा लागे। दुहाई गोरखनाथ की, फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।”

6. दुकान या व्यापार वृद्धि मंत्र

दुकान पर ग्राहकों का आकर्षण बढ़ाने और व्यापारिक बंधन काटने का प्राचीन अचूक शाबर मंत्र।

मंत्र: “ॐ नमो आदेश गुरु को। आवो माई लोना चमारी, बैठो मेरी दुकान। ग्राहक आवे दौड़-दौड़, जैसे बालक दौड़े देख महतारी (माँ)। जो न आवे, तो कामाख्या माई की सेज पर पैर धरे। दुहाई सुलेमान पैगंबर की, शब्द सांचा, पिंड कांचा।”

7. लोना चमारी प्रत्यक्षीकरण/सिद्धि शाबर मंत्र

प्राचीन साधकों द्वारा लोना चमारी की कृपा या उनके आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए इस मंत्र का अनुष्ठान किया जाता है। यह साधना साधक केलिए है, आम आदमी ना करे तो बहत अच्छा रहेगा।

मंत्र: “ॐ नमो आदेश गुरु को। खोल-खोल किवाड़, माई लोना चमारी। बैठी गोदी में, हाथ में खप्पर, मुख में पान। आवो माई, बैठो आसन, सिद्ध करो मेरा काम। दुहाई सुलेमान पैगंबर की, दुहाई गुरु गोरखनाथ की।”

8. सम्मोहन और आकर्षण मंत्र (सभा मोहिनी)

समाज में या चार लोगों के बीच अपनी बात का प्रभाव रखने और मान-सम्मान पाने के लिए इस मंत्र का उल्लेख शाबर मंत्र में मिलता है।

मंत्र: “ॐ नमो आदेश गुरु को। जल चमके, थल चमके, चमके लोना चमारी का रूप। जो भी देखे मेरा मुख, वो होवे मोहित-अनूप। राजा मोहुं, प्रजा मोहुं, मोहुं सारा संसार। मेरी भक्ति, गुरु की शक्ति, फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।”

9. मार्ग रक्षक शाबर मंत्र (यात्रा सुरक्षा)

सफर या यात्रा पर निकलने से पहले दुर्घटनाओं और अज्ञात भयों से बचने के लिए इस मंत्र का पाठ अबश्य करना चाहिए ।

मंत्र: “सत्य नाम आदेश गुरु का। आगे चलें कालिका, पीछे लोना चमारी। दायें-बायें हनुमान वीर, रक्षा करें हमारी। मार्ग बांधूँ, पंथ बांधूँ, बांधूँ चोर-सियार। फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा, दुहाई गोरखनाथ की।”

10. शत्रु स्तंभन मंत्र (विवाद शांत करने के लिए)

यदि कोई बिना वजह कोर्ट-कचहरी या विवाद में परेशान कर रहा हो, तो उसकी शत्रुता की भावना को शांत करने के लिए यह मंत्र पढ़ा जाता है।

मंत्र: “ॐ नमो आदेश गुरु को। बांधी जीभ, बांधा मुख, बांधा दुष्ट का द्वार। लोना चमारी की आन से, शत्रु होवे छार-छार। जो हमसे बैर करे, वो अपनी राह मरे। दुहाई कामाख्या माई की, शब्द सांचा, पिंड कांचा।”

11. बंधन और कीलन मुक्त करने का मंत्र (उत्कीलन मंत्र)

यदि किसी दुष्ट तांत्रिक ने किसी का घर, दुकान या बुद्धि बांध दी हो, तो उस तांत्रिक बंधन को काटने के लिए यह मूल मंत्र है।

मंत्र: “ॐ नमो आदेश गुरु को। बज्र का ताला, लोहे की कील। खोल-खोल माई लोना चमारी, जो बांधा सो कर दे ढीली। बंधन छूटे, बाधा भागे, दुहाई कामाख्या माई की।”

12. पशु रक्षा और नजर दोष निवारण मंत्र

ग्रामीण क्षेत्रों में पालतू पशुओं (गाय, भैंस आदि) को बीमारियों और नजर दोष से बचाने के लिए इस मंत्र का उपयोग किया जाता है।

मंत्र: “सत्य नाम आदेश गुरु का। हरी दूब, उजली गाय, सबकी रक्षा करे लोना चमारी माई। थन बांधूँ, रोग बांधूँ, बांधूँ नजर-गुंजार। दूध-पूत की वृद्धि होवे, दुहाई सुलेमान पीर की।”

13. सोए हुए भाग्य को जगाने का शाबर मंत्र

जीवन में चारों तरफ से निराशा मिलने पर या किस्मत का साथ न मिलने पर इस मंत्र का अनुष्ठान श्रद्धा भक्ति के साथ करना चाहिए ।

मंत्र: “जाग जाग रे भाग्य, जगावे लोना चमारी। बैठी आसन छोड़, करे सब काज हमारी। ऋद्धि आवे, सिद्धि आवे, भंडारा भरपूर होवे। दुहाई सुलेमान पीर की, शब्द सांचा, पिंड कांचा।”

14. ऊपरी हवा और डीह-डाकिनी नाशक मंत्र

मंत्र: “ॐ नमो आदेश गुरु को। डाकिनी शाकिनी भूत पिसाच, सब भागे देख तोर प्रकाश। लोना चमारी अखाड़े आई, हाथ में खंडा चमकाई। जो न भागे, सो मरे, दुहाई कामरू कामाख्या माई की।”

15. नजर से पशु का दूध सूखने का निवारण

मंत्र: “ॐ नमो आदेश गुरु को। गाय-भैंस का दूध बंधा, दुष्ट की नजर का फंदा। लोना चमारी की आन चले, दूध की धार फिर से बहे। दुहाई सुलेमान पीर की, फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।”

16. बालक रक्षा शाबर मंत्र (बच्चों के रोने और डरने पर)

रात में यह समस्या हम सबके घर पर जादा देखने को मिलता है , अचानक रात में सोता हुआ बचा रोने चिलाने लगाते हैं , इसी स्तिति में माता लोना चमारी की यह मंत्र का प्रभाव दिखने को मिलता है ।

मंत्र: “सत्य नाम आदेश गुरु का। बालक रोवे आधी रात, नजर लगी या भूत की बात। लोना चमारी की झाड़ू फिरे, बालक खेले, हंसे, मुस्काए। दुहाई गौरा पार्वती की, शब्द सांचा, पिंड कांचा।”

17. शत्रु के तंत्र-मंत्र को वापस पलटने का मंत्र (उलट मंत्र)

यह मंत्र तब पढ़ा जाता है जब कोई आपके ऊपर तंत्र का वार करे, तो उसे वापस भेजने के लिए इसका उपयोग होता है।

मंत्र: “सत्य नाम आदेश गुरु का। जो करे सो भरे, उसका किया उसी पे गिरे। लोना चमारी का खंडा चले, तंत्र का वार उलटा पडे। दुहाई कालका माई की, फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।”

18. नजर दोष से लगी उल्टी-दस्त रोकने का झाड़ा मंत्र

मंत्र: “सत्य नाम आदेश गुरु का। पेट की मरोड़, कलेजे की पीर, शांत होवे शरीर। लोना चमारी की फूंक पड़े, तो रोग-दोष पानी बने। आन गुरु गोरखनाथ की, दुहाई महादेव की।”

19. धन आगमन और बरकत मंत्र

घर की दरिद्रता दूर करने और अन्न-धन के भंडार भरे रखने के लिए इस मंत्र का जप किया जाता है।

मंत्र: “ॐ नमो आदेश गुरु को। धूल चमके, सोना बने, जहाँ पड़े लोना चमारी की दृष्टि। रिद्धि-सिद्धि घर में वास करे, लक्ष्मी की होवे वृष्टि। शब्द सांचा, पिंड कांचा, फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।”

20. कोर्ट-कचहरी और सरकारी विवाद विजय मंत्र

आजकल तो यह Common हो गया है , कोई अपने गुस्से में किसीके ऊपर झुटा इल्जाम लगा रहा है तो कोई अपनी पति के उपर दहेज़ का झूठा आरोप ।इस परिस्तिती में आप यह मंत्र का साहारा ले सकते हो ।

मंत्र: “सत्य नाम आदेश गुरु का। हाकिम मोहुँ, कचहरी मोहुँ, मोहुँ सब संसार। लोना चमारी आगे चले, जीत हमारी होवे द्वार। शब्द सांचा, पिंड कांचा, फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।”

21. सर्व संकट निवारण तीव्र महा-शाबर मंत्र

जब अचानक कोई बड़ा संकट या मुसीबत आ जाए, तब इस मंत्र का मानसिक जप करने का विधान है।

मंत्र: “ॐ नमो आदेश गुरु को। संकट भारी, आन खड़ी हमारी। दौड़ो-दौड़ो माई लोना चमारी, हाथ में खंडा तान। मेरा संकट दूर न करे, तो कालका माई की आन।”

शाबर सम्मोहन प्रयोगों के लाभ और अद्भुत क्षमताएं

इस विधा के सिद्ध होने पर साधक के जीवन से ऊपरी बाधाएं, नजर दोष और व्यापारिक रुकावटें समूल नष्ट हो जाती हैं। यह प्रयोग मुख्य रूप से उन परिस्थितियों में रामबाण साबित होते हैं जहाँ बिना किसी बड़ी तांत्रिक सामग्री के, केवल शब्द की शक्ति से ही घरेलू स्तर पर संकटों का निवारण करना हो। इसके प्रभाव से शत्रु की ऊपर जीत , ऊपरी साया और घर की उदासीनता पूरी तरह शांत हो जाती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न १: क्या Loona Chamari Mantra का प्रयोग किसी अनजान या राह चलते व्यक्ति पर काम कर सकता है?

उत्तर: बिल्कुल सीधे शब्दों में और कान खोलकर सुन लो मेरे भाई—नहीं। यह शाबर तंत्र का कड़ा और अटल नियम है कि कोई भी घरेलू टोटका या मंत्र केवल उसी पात्र पर काम करता है जो आपका पूर्व परिचित हो या जिसके साथ आपका कोई सीधा कर्म बंधन रहा हो। किसी अजनबी पर इसका प्रयोग करना पूरी तरह निष्फल जाता है।

प्रश्न २: इन लोक-मंत्रों में ‘शब्द सांचा, पिंड कांचा’ का क्या अर्थ होता है?

उत्तर: इसका सीधा सा मतलब यह है कि गुरु द्वारा दिए गए शब्द बिल्कुल परम सत्य (सांचे) हैं और हमारा यह भौतिक शरीर नश्वर (कांचा) है। हम इस नश्वर शरीर से गुरु के सच्चे शब्दों की दुहाई देकर शक्तियों को लोक-कल्याण के लिए बाध्य करते हैं।

प्रश्न ३: क्या इन २१ मंत्रों का झाड़ा स्वयं बिना किसी गुरु दीक्षा के किया जा सकता है?

उत्तर: बिल्कुल सीधे शब्दों में सुन लो—कदापि नहीं। भले ही ये ग्रामीण मंत्र बहुत सरल दिखाई देते हों, लेकिन इनकी आंतरिक ऊर्जा बहुत ही उग्र और तीक्ष्ण होती है। बिना गुरु के संरक्षण, बिना शरीर बंधन और बिना तांत्रिक गुरु जी से सलाह लिए इन मंत्रों का अनुष्ठान करना आपके मानसिक संतुलन को बिगाड़ सकता है। इसलिए पहले कुंडली की जांच करवाकर आज्ञा लें।

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ज्योतिषाचार्य प्रदीप कुमार – Connect Now on Call/WhatsApp: +91-9438741641

Mystic Shiva Astrology (Bhubaneswar, Odisha)

जय माँ कामाख्या

Acharya Pradip Kumar is the founder of Mystic Shiva Astrology and a practitioner of Vedic astrology with a solution-oriented approach. His work focuses on understanding birth charts as tools for clarity, awareness, and practical decision-making rather than fear-based predictions. Rooted in classical astrological principles and real-life experience, he emphasizes responsible guidance, timing, and conscious remedies aligned with an individual’s life path.

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