Kritaya Baapis Karne Ka Mantra Tantra Prayog

Kritaya Baapis Karne Ka Mantra Tantra Prayog :

जिस समय यह ज्ञात हो जाये अथबा आभास हो जाये कि कोई बिपक्षी यंत्र मंत्र द्वारा कृत्या भेजकर हमें उत्पीडित कर रहा है तो, बिधि बिधान पुर्बक यह कृत्या बापिस करना मंत्र जाप करके सिद्ध करले । इसके बाद आप नित्य नियम पुर्बक यह कृत्या बापिस करना मंत्र पढ़े तथा उस समय तक नित्य जाप करें जब तक शत्रु का बिनाश न हो अथबा सुधार होकर शरण में आये तब तक नित्य पाठ करें । पाठ अधिक से अधिक जितना हो सके नित्य करें । दिन में एक समय करें, दो समय करें अथबा तीनों समय करें । जब शत्रु शरणागत हो जाय तो जाप बन्द कर दें ।

Kritaya Baapis Karne Ka Mantra :

शेरभेक शेरभ पुनर्बायन्तु यातब: पुनर्हति: किमीदिन: ।
यस्यस्थ तमत्त यो ब: प्राहैतमत्त स्वा मांसान्यत ।। १ ।।
शेबृधक शेबृध पुनर्बायन्तु यातब: पुनर्हेति: किमीदिन: ।
यस्यस्थ तमत्त यो ब: प्राहैतमत्त स्वा मांसान्यंत ।। २ ।।
म्रोकानुम्रोक पुनर्बायन्तु यातब: पुनर्हेति किमीदिन: ।
यस्यस्थ तमत्त यो ब: प्राहैतमत्त स्वा मांसान्यत ।। ३ ।।
सर्पानुसर्प पुनर्बायन्तु यातब: पुनर्हेति किमीदिन: ।
यस्यस्थ तमत्त यो ब: प्राहैतमत्त स्वा मांसान्यत ।। ४ ।।
जूणी पुनर्बो यन्तु यातब पुनर्हेति किमीदिन: ।
यस्यस्थ तमत्त यो ब: प्राहैतमत्त स्वा मांसान्यत ।। ५ ।।
उपब्दे पुनर्बो यन्तु यातब: पुनर्हेति किमीदिन: ।
यस्यस्थ तमत्त यो ब: प्राहैतमत्त स्वा मांसान्यत ।। ६ ।।
अर्जुनि पुनर्बो यन्तु यातब: पुनर्हेति किमीदिनी ।
यस्यस्थ तमत्त यो ब: प्राहैतमत्त स्वा मांसान्यत ।। ७ ।।
झरूजि पुनर्बो यन्तु यातब पुनर्हेति किमीदिन: ।
यस्यस्थ तमत्त यो ब: प्राहैतमत्त स्वा मांसान्यत ।। ८ ।।

किसी भी बिधि से भेजी गई घायल इस कृत्या बापिस करना मंत्र (Kritaya Baapis Karne Ka Mantra) के जाप करने से बापिस भेजने बाले के ऊपर जाती है और भेजने बाले का बध कर डालती है ।

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चेताबनी : भारतीय संस्कृति में मंत्र तंत्र यन्त्र साधना का बिशेष महत्व है । परन्तु यदि किसी साधक यंहा दी गयी (Kritaya Baapis Karne Ka Mantra) साधना के प्रयोग में बिधिबत, बस्तुगत अशुद्धता अथबा त्रुटी के कारण किसी भी प्रकार की कलेश्जनक हानि होती है, अथबा कोई अनिष्ट होता है, तो इसका उत्तरदायित्व स्वयं उसी का होगा ।उसके लिए उत्तरदायी हम नहीं होंगे । अत: कोई भी प्रयोग योग्य ब्यक्ति या जानकरी बिद्वान से ही करे। यंहा सिर्फ जानकारी के लिए दिया गया है ।

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Acharya Pradip Kumar is the founder of Mystic Shiva Astrology and a practitioner of Vedic astrology with a solution-oriented approach. His work focuses on understanding birth charts as tools for clarity, awareness, and practical decision-making rather than fear-based predictions. Rooted in classical astrological principles and real-life experience, he emphasizes responsible guidance, timing, and conscious remedies aligned with an individual’s life path.

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