घर में रंगों का चयन किस कमरे में कौन सा करें ?

Ghar Mein Rangon Ka Chayan Kis Kamre Mein Kaun sa Karein ?

Rangon : बास्तु शास्त्र की मान्यता है कि यदि आंतरिक सज्जा हेतु प्रयुक्त रंगों (rangon) के बिभिन्न सयोंग ब्यक्ति बिशेष से जब तारतम्य जोड़ लेते है तो सौभाग्य तथा सुख –समृद्धि सुनिशिचत है । घर में रंगों (rangon) का चयन किस कमरे में कौन सा करें, इसका संक्षिप्त सार भी पाठकों के लाभार्थ लिख रहा हूँ ?

भबन के प्रबेश द्वार बाला भाग सफ़ेद, हल्का नीला अथबा हरा होना बहुत शुभ है । किसी भी दशा में यह भाग काले अथबा मटमैल रंग का नही होना चाहिए ।
रसोई घर के लिए बैसे तो सफ़ेद रंग सर्बश्रेष्ठ है तथापि हल्के रंगों का चयन भी उपयुक्त है । यंहा लाल रंग का प्रयोग सर्बथा बर्जित है ।

नब – बिबाहित जोड़े के कमरे का रंग हल्का पीलापन लिए सफ़ेद होने से दोनों में परस्पर प्रेम – स्नेह पनपता है । घर का बाताबरण सुखद रहता है ।

बच्चो के कमरे में गुलाबी अथबा क्रीम कलर सर्बश्रेष्ठ है । यंहा के परदे ,फर्नीचर आदि सफ़ेद रखने से बच्चो की एकाग्रता में बृद्धि होती है । यंहा लाल तथा काला रंग प्रयोग नही करना चाहिए । हाँ फर्नीचर का कुछ भाग अबश्य काला रखबाया जा सकता है । यंहा रहने बाले बच्चे शैतानी छोड़ देते है ।

खाने के कमरे का हरा अथबा नीला रंग पाचन क्रिया में बहुत उपयोगी सिद्ध होता है ।

पूजा गृह सफ़ेद अथबा हल्का पीलापन लिए हुए रख्बाना बहुत शुभ है ।

भबन में बिभिन्न रंगों (rangon) का सर्बाधिक प्रभाब मन:स्थिति को प्रभाबित करता इसीलिए कमरों में रंगाई के समय रंगों के प्रभाब का बिशेष ध्यान रखना चाहिए –

. नीला रंग सात्विकता तथा शक्ति का प्रतीक है । यह ब्यक्ति की सतोगुणी प्रबृति का प्रतिनिधित्व करता है ।

. हरा रंग काम के प्रति आसक्ति दर्शाता है । यह सक्रियता तथा गतिशीलता का प्रतीक है ।

. पीला रंग बिदूषक है । यह गुदगुदाने बाले गुण रखता है । यह रंग चिन्ता तथा बैमनस्य से दूर रखता है ।

. जामुनी रंग अपरिपक्व मानसिकता का प्रतीक है ।

. कतथई रंग इन्द्रियलिप्सा तथा असंयमित जीबन की धोतक है ।

. भूरा रंग तटस्थ बनाता है ।

. काला रंग बिरोधाभास का कारक है ।

. सफ़ेद रंग शान्ति तथा स्वच्छता का प्रतीक है ।

. लाल रंग एकाग्रता देता है । इस रंग का सांस्कृतिक महत्व है । यह सौभाग्य का सूचक है ।

. जो ब्यक्ति काला रंग पसंद करते है बह निषेधात्मक चिन्तक होते है ।

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ज्योतिषाचार्य प्रदीप कुमार
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Acharya Pradip Kumar is the founder of Mystic Shiva Astrology and a practitioner of Vedic astrology with a solution-oriented approach. His work focuses on understanding birth charts as tools for clarity, awareness, and practical decision-making rather than fear-based predictions. Rooted in classical astrological principles and real-life experience, he emphasizes responsible guidance, timing, and conscious remedies aligned with an individual’s life path.

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