अत्यंत दुर्लभ कर्णपिशाचिनी साधना कैसे करें ?

अत्यंत दुर्लभ कर्णपिशाचिनी साधना :::

अत्यंत दुर्लभ कर्णपिशाचिनी साधना : कर्णपिशाचिनी साधना एक प्राचीन और गुप्त तांत्रिक कला है , जिसमे ब्यक्ति अद्दितीय शक्तियों को प्राप्त करने केलिए उपासना और मंत्रों का अभ्यास करता हैं । इस साधना के माध्यमसे आत्मा की उर्जा को जागृत किया जाता है और अत्यधिक साधना और समर्पण के साथ सिद्धि प्राप्त किया जा सकता … Read more

कर्णपिशाचिनी बार्ताली मंत्र प्रयोग कैसे करें?

कर्णपिशाचिनी बार्ताली मंत्र प्रयोग कैसे करें?

कर्णपिशाचिनी बार्ताली मंत्र प्रयोग कैसे करें? मंत्र: ओम ह्रीं श्रीं क्लीं न्रुं ठं ठं नमो देबपुत्रि स्वर्गनिबासनि सर्बनर नारी मुखबार्तालि बार्ता कथय सप्तसमुद्रान्दर्श्य दर्श्य ओम ह्रीं श्रीं क्लीं नीं ठं ठं हुं फट् स्वाहा । ( इति सप्त पंचशख्यरो मंत्र)   बार्ताली मंत्र प्रयोग बिधानम : दो जंगली बराह के दंन्त एबं शेल का शुल … Read more

कर्णपिशाचिनी तामस मंत्र क्या है ?

कर्णपिशाचिनी तामस मंत्र क्या है ?

कर्णपिशाचिनी तामस मंत्र क्या है ? 1) मंत्र : “ओम कं ह्रीं प्राणकर्षणमालोकितेन बिश्वरुपी पिशाची बद बद ई ह्रीं स्वाहा ।” अस्य बिधानम् – पखैकं दशसाहस्त्रं जपित्वा पिण्डदानेन सिद्धयति भूत भबिष्य बर्तमानदातां कथयति ।   2) अन्यत्र मंत्रो यथा : “ओम ऐं ह्रीं श्रीं दुं हुं फट् कनक बज्र बैडूर्यमुक्तालंकृत भूषणे एहि एहि आगछ आगछ … Read more