बाबा अघोरी साधना

ऐसा साधना प्राप्त होना ही एक अद्वितीय बात है, जीवन में जब भी कुछ बनने की इच्छा रखो तो अद्वितीय बनने की इच्छा रखो । जितने भी आपके शत्रु है उन पर ऐसे वार करो कि उनकी अकल ठिकाने आ जाए । जिस दिन उनकी अकल ठिकाने आ जाएगी तो वह आपको बिना किसी वजह के परेशान करना छोड़ देंगे परंतु एक बात मैं बताना चाहूंगा बाबा अघोरी उसी को दंड देते हैं जो आपको बिना वजह से परेशान कर रहा है और आप किसी अच्छे इंसान को बिना वजह से परेशान करना चाहते हो तो गलती से भी बाबा अघोरी से मदत नही माँगे, नहीं तो लेने के देने पड़ जाएंगे । इसी अन्याय के खिलाफ ही एक बहुत बड़ा युद्ध हुआ था, युद्ध का नाम है महाभारत और हमे कोई महाभारत तो नहीं करना है परंतु हमें हमारे शत्रु को हमें परेशान करने से भी रोकना है और इसके लिए हमें बाबा अघोरी से सहायता प्राप्त करनी है ।
यह बाबा अघोरी साधना (Baba Aghori Sadhana) किसी भी कृष्ण पक्ष की अष्टमी से प्रारंभ कर सकते हैं । बाबा अघोरी साधना (Baba Aghori Sadhana) 11 दिन की है , दक्षिण दिशा में मुख होना चाहिए, बाबा अघोरी साधना (Baba Aghori Sadhana) रात्रि में 9 बजे के बाद करना है, काला आसन होना चाहिए , काले वस्त्र पहनना आवश्यक है , सिर के बाल काले वस्त्र से छुपाने हैं, जैसे हम गुरुद्वारे में जाते हैं तो हम सर पर जैसे बांधते हैं उसी तरह से बांधना है । अगर कोई महिला साधना कर रही है तो उन्हें भी काली साड़ी पहननी पड़ेगी । सामने सरसों के तेल का दीपक जलाना है , दीपक मिट्टी होना चाहिए, दीपक की ओर देखते हुए ही यह मंत्र का जाप करना है । साधना में आपको ढेर सारे अनुभव हो सकते हैं , दीपक की लौ में बाबा अघोरी का दर्शन देना भी एक अनुभव हो सकता है , बाबा जी के कृपा से आपको जीवन में धन धान्य ऐश्वर्य सुख समृद्धि मिल सकती है, हो सकता है कि आपको प्रत्यक्ष दर्शन दें और पूछें बेटा बोलो आपकी क्या कामनाएं है? आप क्या चाहते हो ? ऐसे वक्त आपको आपकी कामना बोलनी है । एक काम कीजिए कि जैसे बाबा जी का दर्शन हो तो अपनी तुच्छ इच्छाओं को मत मांगे ।

Baba Aghori Sadhana Mantra :

मंत्र:-।। अघोरीयो का अघोरी बाबा अघोरी,कालभैरव का भगत दिखाओ रे अपना सोटा, जहा-जहा तेरा सोटा पड़े वहां-वहां मेरा दुश्मन टूटे, दुश्मन मेरा कौन तू ही जाने, ना जाने तो कैसा अघोरीयो का बाबा अघोरी कहलाए ।।

बाबा अघोरी साधना (Baba Aghori Sadhana) में बाबा अघोरी को सात्विक भोग चढ़ाए, वैसे इनको तामसिक भोग चढ़ाया जाता है परंतु यह जरूरी नही है । आप चाहे तो पाँच प्रकार का मिठाई चढ़ा सकते है, चढ़ाया हुआ भोग दूसरे दिन बच्चो में बाट दे और भोग रोज 11 दिनों तक चढ़ाना है । मंत्र जाप रुद्राक्ष माला से ही करे, नित्य कम से कम 3 माला जाप रोज करे । साधना के 11 दिन के समय मे नित्य शिव मंदिर दर्शन हेतु जाना जरूरी है और शिव जी से नित्य साधना सफलता हेतु प्रार्थना अवश्य करे ।
इस साधना को वर्ष में दो-तीन बार अवश्य किया करे ताकि आपके जीवन मे शत्रु बाधा ना रहे और आप बाबा की कृपा से जीवन मे उन्नति करते रहे, साधना से किसी भी प्रकार का कोई नुकसान नही होता है इसलिए दिमाग से डर को निकाल भगाए ।
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जय माँ कामाख्या

Acharya Pradip Kumar is the founder of Mystic Shiva Astrology and a practitioner of Vedic astrology with a solution-oriented approach. His work focuses on understanding birth charts as tools for clarity, awareness, and practical decision-making rather than fear-based predictions. Rooted in classical astrological principles and real-life experience, he emphasizes responsible guidance, timing, and conscious remedies aligned with an individual’s life path.

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