2026 बसंत पंचमी तिथि पर मंत्र जाप कैसे करें ?

बसंत पंचमी इस साल  २३ जनवरी २०२६ शुक्रबार को मनाया जा रहा है माघ के महीने की शुक्ल पक्ष पंचमी को वसंत पंचमी का त्योहार मनाया जाता है । वसंत पंचमी के दिन से इस मंत्र जप का आरंभ करने और आजीवन इस मंत्र का पाठ करने से विद्या और बुद्धि में वृद्धि होती है । वीणावादिनी मां शारदा का स्वरूप जितना सौम्य है उनके लिए जपे जाने वाले मंत्र उतने ही दिव्य हैं। इस दिन इस मंत्र को पूर्ण श्रद्धापूर्वक पढ़ने से बल, विद्या, बुद्धि, तेज और ज्ञान की प्राप्ति होती है ।

2026 Basant Panchami Puja Muhurt :

पूजा मुहूर्त : 07:13 am 12:33pm तक यानी (अबाधि : 05 घटे 20 मिनट)

आज हम आपको बसंत पंचमी पर राशि के अनुसार कुछ मंत्रों का जाप करने के बारे में बताने जा रहे हैं, जिससे आपको सुख-समृद्धि की प्राप्ति होगी।
Basant Panchami Par Rashi Ke Anusar Kare Mantra Jaap :
मेष राशि- ऊँ वाग्देवी वागीश्वरी नम: ।।
वृषभ राशि- ऊँ कौमुदी ज्ञानदायनी नम: ।।
मिथुन राशि- ऊँ मां भुवनेश्वरी सरस्वत्यै नम: ।।
कर्क राशि- ऊँ मां चन्द्रिका दैव्यै नम: ।।
सिंह राशि- ऊँ मां कमलहास विकासिनी नम: ।।
कन्या राशि- ऊँ मां प्रणवनाद विकासिनी नम: ।।
तुला राशि- ऊँ मां हंससुवाहिनी नम: ।।
वृश्चिक राशि- ऊँ शारदै दैव्यै चंद्रकांति नम: ।।
धनु राशि- ऊँ जगती वीणावादिनी नम: ।।
मकर राशि- ऊँ बुद्धिदात्री सुधामूर्ति नम: ।।
कुंभ राशि- ऊँ ज्ञानप्रकाशिनी ब्रह्मचारिणी नम: ।।
मीन राशि- ऊँ वरदायिनी मां भारती नम: ।।
 

Basant Panchami Par Kare is Vidhi Bidhan Se Maa Ki Puja :

1. बसंत पंचमी (Basant Panchami) के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और पीले रंग के वस्त्र धारण करें । क्योंकि यह रंग मां सरस्वती को बेहद प्रिय है ।
2. इसके बाद चंदन और कुमकुम से मां सरस्वती का तिलक करें।
3. मां की प्रतिमा के आगे धूप-दीप जलाएं, पीले रंग के पुष्प और पीले रंग के वस्त्र अर्पित करें।
4. इस दिन शिक्षा से संबंधित चीजों जैसे किताब, कॉपी और कमल पर रोली का तिलक करके अक्षत चढ़ाएं और ज्ञान की देवी के समक्ष रखें।
5. संगीत प्रेमी या संगीत क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले लोगों को बसंत पंचमी के दिन अपने वाद्य यंत्रों की भी पूजा करनी चाहिए।
6. मां सरस्वती को प्रसन्न करने के लिए उन्हें उनके प्रिय भोजन खीर और मालपुआ का भोग लगाएं और अपनी राशि के मुताबिक मंत्रों का जाप करें।
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ज्योतिषाचार्य प्रदीप कुमार +91-9438741641 ( Call/ Whatsapp)

Acharya Pradip Kumar is the founder of Mystic Shiva Astrology and a practitioner of Vedic astrology with a solution-oriented approach. His work focuses on understanding birth charts as tools for clarity, awareness, and practical decision-making rather than fear-based predictions. Rooted in classical astrological principles and real-life experience, he emphasizes responsible guidance, timing, and conscious remedies aligned with an individual’s life path.

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