श्री दुर्गा सप्तशती स्तम्भन मंत्र

Shri Durga Saptashati Stambhan Mantra :

श्री दुर्गा मंत्र

“अहं बिभूत्या बहुभिरिह रूपैर्यदास्थिता ।
तत्संहंत मयैकैब तिष्ठाम्याजौ स्थिरो भब ।।”

1. जल बर्षा स्तम्भन – उपर्युक्त श्लोक में “ह्लीं” का सम्पुट लगाकर पाँच माला मंत्र का जप करे । इससे जल प्रबाह अथबा बर्षा का स्तम्भन होता है ।

2. चित स्तम्भन – उपर्युक्त श्लोक में “ह्लीं” का सम्पुट लगाकर ग्यारह माला का जप करने से किसी भी ब्यक्ति के मन की गति का स्तम्भन किया जा सकता है । जप करते समय सम्बन्धित ब्यक्ति का मन में कर्ता को ध्यान करते रहना चाहिए ।

3. शत्रु स्तम्भन –
हल्ऱीम् रिपब: संक्षयं यान्ति कल्याण चोपपद्दते ।
स्मरन्ममैतच्चरितं नरो मुच्चेत संकटात् हल्ऱीम् ।।

Shri Durga Saptashati Stambhan Mantra Prayog Vidhi :

श्री दुर्गासप्तशती के तेरहबें अध्याय में बर्णित भगबती शिबा का ध्यान करके उपर्युक्त मंत्र (Shri Durga Saptashati Stambhan Mantra) का जप रुद्राक्ष की माला से, प्रतिदिन रात्रि में ग्यारह माला का जप चालीस दिनों तक करें । यदि तीन मुखी रुद्राक्ष की माला से जप करे तो श्रेष्ठ होगा । जप पूर्ण होने पर सरसों के तेल में नीम पत्र, काली मिर्च दाना तथा हल्दी के टुकड़ों को मिलाकर खैर की अथबा नबग्रह की समिधाओं से अग्नि प्रज्वलित करके जप के दशांश की संख्या में हबन करले । यदि उपर्युक्त समिधा यथोचित उपलब्ध न हो सके तो बेर की अथबा किसी काँटेदार बृक्ष की समिधा (लकड़ी) का प्रयोग कर सकते है । हबन का दशांश तर्पण तथा तर्पण का दशांश मार्जन, किसी स्वर्ण अथबा पीतल के पात्र में तीर्थ जल लेकर, उसमें हल्दी चूर्ण मिलाकर करें ।

4. गति स्तम्भन – किसी भी ब्यक्ति (प्राणी) अथबा पदार्थ की गति का स्तम्भन करने के लिए उपर्युक्त मंत्र (Shri Durga Saptashati Stambhan Mantra) में “हल्ऱीम्” का सम्पुट लगाकर ग्यारह माला जप करें । जप करते समय जिसकी गति का स्तम्भन करना अभीष्ट है, उस प्राणी अथबा पदार्थ का मन में ध्यान भी करते रहना चाहिए । जप के पश्चात् दशांश हबन कर लेना सर्बोत्तम होगा ।

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चेताबनी : भारतीय संस्कृति में मंत्र तंत्र यन्त्र साधना का बिशेष महत्व है ।परन्तु यदि किसी साधक यंहा दी गयी साधना (Shri Durga Saptashati Stambhan Mantra ) के प्रयोग में बिधिबत, बस्तुगत अशुद्धता अथबा त्रुटी के कारण किसी भी प्रकार की कलेश्जनक हानि होती है, अथबा कोई अनिष्ट होता है, तो इसका उत्तरदायित्व स्वयं उसी का होगा ।उसके लिए उत्तरदायी हम नहीं होंगे ।अत: कोई भी प्रयोग योग्य ब्यक्ति या जानकरी बिद्वान से ही करे। यंहा सिर्फ जानकारी के लिए दिया गया है । हर समस्या का समाधान केलिए आप हमें इस नो. पर सम्पर्क कर सकते हैं : +91- 9438741641 (call/ whatsapp)

Acharya Pradip Kumar is the founder of Mystic Shiva Astrology and a practitioner of Vedic astrology with a solution-oriented approach. His work focuses on understanding birth charts as tools for clarity, awareness, and practical decision-making rather than fear-based predictions. Rooted in classical astrological principles and real-life experience, he emphasizes responsible guidance, timing, and conscious remedies aligned with an individual’s life path.

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